कैमूर के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिले के सभी 15 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) के संचालन और पढ़ाई में सुधार को लेकर एक समीक्षा बैठक हुई।
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इस बैठक में प्रधानाध्यापक, नामित नोडल अधिकारी और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्कूलों का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ‘सेवा संकल्प’ और ‘कायाकल्प’ अभियानों के तहत मनरेगा और दूसरी योजनाओं को भी जोड़ा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि विकास और छात्र कोष में मौजूद पैसे का इस्तेमाल छात्रों के फायदे के लिए तुरंत और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।


छात्रों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
इसके अलावा, स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने और एस्टीमेट बनाकर बिहार राज्य आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को भेजने का आदेश दिया गया।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए डीएम ने छात्रों और शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी कर दी।
DCLR और SDO को सख्त कार्रवाई के आदेश
उन्होंने निर्देश दिया कि लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का नियमित संचालन पक्का किया जाए। साथ ही, डिजिटल पढ़ाई के लिए सभी छात्रों का ‘Filo ऐप’ पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
स्कूलों की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित DCLR और SDO को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे आपस में तालमेल बनाकर मॉडल स्कूलों को आधुनिक और बेहतर बनाएं।
