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कैमूर के भभुआ में नकली खाद जब्त होने और खाद की रीपैकिंग कर उसे बाहर भेजे जाने का मामला सामने आने के बाद कृषि विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने के लिए जिलेभर में खाद की दुकानों की जांच की जा रही है। अलग-अलग ब्रांड के खाद के नमूने लिए जा रहे हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। कृषि विभाग की टीम खाद दुकानों से अलग-अलग कंपनियों और ब्रांडों के नमूने एकत्र कर रही है। इन नमूनों की गुणवत्ता की जांच लैब में कराई जाएगी। रिपोर्ट में खाद की गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… गड़बड़ी मिली तो लाइसेंस होगा रद्द विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद के नमूने में गड़बड़ी या गुणवत्ता में कमी मिलने पर संबंधित दुकान का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। दोषी दुकानदार को ब्लैकलिस्ट करने की भी कार्रवाई होगी। जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि जिले में खाद की पर्याप्त उपलब्धता है। किसानों को घबराकर या जरूरत से अधिक खाद खरीदने की जरूरत नहीं है। उन्होंने किसानों से अपनी आवश्यकता के अनुसार ही खाद खरीदने की अपील की है। सितंबर में यूरिया की जरूरत 59,800 बैग धान की खेती के लिए सितंबर महीने में जिले में करीब 59,800 बैग यूरिया की जरूरत है। इसके मुकाबले दुकानों में करीब 1,47,000 बैग यूरिया उपलब्ध है। यानी मांग की तुलना में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जिले में सितंबर में करीब 4,500 बैग डीएपी की जरूरत बताई गई है, जबकि दुकानों में करीब 9,000 बैग डीएपी उपलब्ध है। कृषि विभाग के अनुसार किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। यूरिया का तय रेट 266 रुपये विभाग ने यूरिया की निर्धारित कीमत 266 रुपये प्रति बैग तय की है। किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया की खरीद न करें। डीएपी की निर्धारित कीमत 1,350 रुपये प्रति बैग है। इससे अधिक राशि मांगने वाले दुकानदारों के खिलाफ किसान शिकायत कर सकते हैं। ज्यादा कीमत या खराब खाद पर करें शिकायत कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि अगर कोई दुकानदार तय कीमत से अधिक पैसे मांगता है या खाद की गुणवत्ता खराब मिलती है, तो इसकी लिखित शिकायत विभाग से करें। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को सही खाद उपलब्ध कराने पर जोर नकली खाद और रीपैकिंग के मामले के बाद विभाग का फोकस खाद की गुणवत्ता और बिक्री प्रक्रिया की निगरानी पर है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को निर्धारित दर पर मानक गुणवत्ता वाली खाद उपलब्ध कराने के लिए निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
नकली खाद जब्त होने के बाद कृषि विभाग सख्त:दुकानों से यूरिया-डीएपी के नमूने लिए जा रहे, लैब रिपोर्ट पर ब्लैकलिस्ट होंगे दोषी

