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पाकुड़ जिले के मंदिरों में शनिवार को राधा अष्टमी पर खास पूजा-पाठ का आयोजन किया गया। शहर के कालीभाषण पोखर के पास स्थित इस्कॉन मंदिर में सुबह से ही भव्य धार्मिक कार्यक्रम हुए। यहां राधा रानी और भगवान कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजन चढ़ाए गए। राधा अष्टमी को लेकर सुबह से ही पूरे जिले में काफी उत्साह देखा गया। लोग सुबह नहा-धोकर अपने नजदीकी कृष्ण मंदिरों में पहुंचे। यहां कृष्ण के साथ बैठी राधा रानी की पूजा की गई। शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर, इस्कॉन मंदिर, कृष्ण मंदिर के अलावा महेशपुर, पाकुड़िया, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर समेत अन्य प्रखंडों के कृष्ण मंदिरों और दूसरे मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ दिखी। सुबह से ही मंदिरों में पुजारियों ने खास पूजा की मंदिरों को बहुत अच्छे से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिरों में पुजारियों ने खास पूजा की। पुजारियों ने राधा रानी की पूजा मंत्रों के साथ करवाई। इस दौरान भक्तों ने खूब जयकारे लगाए। इस्कॉन मंदिर में राधा अष्टमी पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम हुए। मंदिर में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने पूरे भक्ति भाव से मंदिर में आयोजित अलग-अलग धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान राधा रानी को 56 प्रकार के व्यंजन चढ़ाए गए। भक्तों ने नृत्य, संगीत और भजन भी गाए। इस्कॉन मंदिर के पुजारी ने पूजा करवाने के बाद भक्तों के बीच प्रसाद बांटा। यहां भंडारे का भी इंतजाम किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने अलग-अलग व्यंजनों का मजा लिया। शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर को भी राधा अष्टमी के लिए अच्छे से सजाया गया था। सुबह से ही भक्त मंदिर में पहुंचकर पूजा करते दिखे। बता दें कि राधा अष्टमी भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को आती है। इसे राधिका अष्टमी और राधा जयंती भी कहते हैं। इस दिन राधा-कृष्ण की पूजा की जाती है।
पाकुड़ में राधा अष्टमी पर मंदिरों में विशेष अनुष्ठान:राधा-कृष्ण को 56 प्रकार के व्यंजन चढ़ाए गए, भक्तों ने जमकर जयकारे लगाए
