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दरभंगा में गंभीर मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने और पुलिस कार्रवाई में अनियमितता के आरोप में सीनियर एसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने महिला थाना और साइबर थाना में पदस्थापित दो पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। महिला थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक (पुअनि) संजीव कुमार रजक को बलात्कार शीर्ष के लंबित कांडों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित किया गया है। वहीं, साइबर थाना के तत्कालीन पीटीसी एवं वर्तमान सहायक अवर निरीक्षक (सअनि) अजय कुमार को एक साइबर कांड के अभियुक्त के परिजन से 25 हजार रुपये के लेनदेन की बात वाले वायरल ऑडियो की जांच में उनकी आवाज की पुष्टि होने के बाद निलंबित किया गया है। तीन गंभीर कांडों को लंबित रखने का आरोप पुलिस की ओर से जारी निलंबन संबंधी जानकारी के अनुसार, अगस्त 2026 तक प्रतिवेदित बलात्कार शीर्ष के लंबित कांडों की समीक्षा की जा रही थी। इसी क्रम में महिला थाना में पदस्थापित पुअनि संजीव कुमार रजक द्वारा महिला थाना कांड संख्या 70/24, 56/25 और 24/26 के अनुसंधान में लापरवाही बरतते हुए कांडों को लंबित रखा जाना पाया गया। समीक्षा के दौरान इन मामलों में अब तक की गई कार्रवाई और अनुसंधान की प्रगति को लेकर पुलिस अधिकारियों ने जानकारी ली। अन्य नामजद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं महिला थाना कांड संख्या 70/24 में बहेड़ी थाना क्षेत्र की पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में पुलिस ने दो प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। हालांकि, अन्य नामजद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं। आरोप है कि प्राथमिकी दर्ज होने के लंबे समय बाद भी फरार आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से वारंट, इश्तेहार और कुर्की-जब्ती जैसी कार्रवाई के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई। समीक्षा में सामने आई अनुसंधान में उदासीनता पुलिस के अनुसार, लंबित बलात्कार कांडों की समीक्षा के दौरान अनुसंधानक संजीव कुमार रजक की ओर से मामलों के अनुसंधान में अपेक्षित कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद एसएसपी ने इसे गंभीरता से लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में संजीव कुमार रजक को सामान्य जीवनयापन भत्ता देय होगा और उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद गंभीर कांडों के लंबित अनुसंधान और फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर विभागीय स्तर पर सख्ती बढ़ने की बात कही जा रही है। वायरल ऑडियो में 25 हजार के लेनदेन की बात, जांच में आवाज की पुष्टि दूसरी कार्रवाई साइबर थाना में पदस्थापित तत्कालीन पीटीसी एवं वर्तमान सअनि अजय कुमार के खिलाफ की गई है। पुलिस के अनुसार, पुलिस उपाधीक्षक रक्षित द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में बताया गया कि सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा था। इसमें साइबर थाना कांड संख्या 24/25 के अभियुक्त किशोर कुमार पासवान के परिजन से 25 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर बातचीत होने का दावा किया गया था। वायरल ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस उपाधीक्षक रक्षित ने इसकी जांच की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान वायरल ऑडियो क्लिप में सुनाई दे रही आवाज की पुष्टि साइबर थाना में पदस्थापित तत्कालीन पीटीसी एवं वर्तमान सअनि अजय कुमार की आवाज के रूप में की गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक रक्षित ने अजय कुमार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक को प्रतिवेदन सौंपा। एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित अनुशंसा के आधार पर वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा ने तत्कालीन पीटीसी एवं वर्तमान सअनि अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उन्हें सामान्य जीवनयापन भत्ता देय होगा तथा उनका मुख्यालय भी पुलिस केंद्र, दरभंगा निर्धारित किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से की गई दोनों कार्रवाइयों को गंभीर मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता और पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर विभागीय सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर गंभीर अपराधों के लंबित अनुसंधान में लापरवाही पर कार्रवाई की गई है, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मी के खिलाफ वायरल ऑडियो से जुड़े आरोप की जांच में आवाज की पुष्टि के बाद विभागीय कार्रवाई की गई है।
दरभंगा- महिला थाना में दर्ज तीन मामलों में लापरवाही:पॉक्सो केस की जांच में दारोगा सस्पेंड, साइबर थाने के ASI पर भी कार्रवाई; रिश्वत लेने की पुष्टि
