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झारखंड के 10 जिलों में रोजगार की स्थिति में भारी असमानता है। पश्चिमी सिंहभूम में हर 10 में से 7 लोग काम कर रहे हैं तो कोयलांचल धनबाद में आधी से ज्यादा आबादी के पास कोई काम नहीं है। यह खुलासा राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनसीओ) की हालिया रिपोर्ट में हुआ है।
इस रिपोर्ट का विश्लेषण करने पर जिलों के बीच एक बड़ी खाई दिखती है। एक तरफ पश्चिमी सिंहभूम में 67.1% आबादी के पास रोजगार है, वहीं दूसरी ओर धनबाद में यह आंकड़ा महज 46.7% है। प. सिंहभूम में काम की तलाश या काम करने वालों की संख्या भी सबसे अधिक 68.3% है। जानिए… झारखंड में कामकाज और बेरोजगारी की स्थिति
रोजगार, पढ़ाई और प्रशिक्षण से बाहर रहने वालों में देवघर टॉप पर
रोजगार, पढ़ाई या प्रशिक्षण से बाहर रहने वाले 15 से 29 वर्ष के युवाओं की हिस्सेदारी देखें तो देवघर 32.4% के साथ सबसे ऊपर है। धनबाद में यह 32%, बोकारो में 30% और पूर्वी सिंहभूम में 28.3% है। यहां के युवा बड़ी संख्या में निष्क्रिय हैं।
पश्चिमी सिंहभूम में यह आंकड़ा केवल 10.4%, गढ़वा में 14.9% और रांची में 16.5% है। यानी युवाओं की स्थिति भी जिलों में एक जैसी नहीं है। बेरोजगारी में सबसे ऊपर बोकारो
पलामू में बेरोजगारी दर 1.1 है, जो इन 10 जिलों में सबसे कम है। वहीं बोकारो में सबसे ज्यादा 8.6% और धनबाद में बेरोजगारी दर 8% है। रांची में यह आंकड़ा 2.7% है।
धनबाद में आधी से ज्यादा आबादी के पास काम नहीं:एनएसओ की रिपोर्ट- पश्चिमी सिंहभूम में हर 10 में से 7 लोगों के पास रोजगार
