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नंदीग्राम उपचुनाव 2026: ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न पर रोक की मांग, कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची ISF

ISF vs ECI Envelope Symbol Row: पश्चिम बंगाल के आगामी उप-चुनावों से ठीक पहले चुनाव चिह्न (Election Symbol) पर नया कानूनी और राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) ने कलकत्ता हाईकोर्ट से अपील की है कि भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट को आवंटित लिफाफा (Envelope) चुनाव चिह्न आवंटित पर तत्काल रोक लगायी जाये. नौशाद सिद्दीकी के नेतृत्व वाली आईएसएफ (ISF) का तर्क है कि जिस चुनाव चिह्न से उसने वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव और अप्रैल 2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ा, उसे अचानक किसी अन्य अपंजीकृत दल को कैसे दिया जा सकता है?

2 दलों को एक सिंबल नहीं दिया जा सकता : ISF

बुधवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में ISF के वकील विकास भट्टाचार्य ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि ISF एक गैर-पंजीकृत राजनीतिक दल है, लेकिन राज्य में एक मान्यता प्राप्त राजनीतिक ताकत के रूप में ‘लिफाफा’ चिह्न के साथ चुनाव लड़ता आ रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के आंतरिक गुटबाजी का फैसला करते हुए विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (DTMC) को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया.

ISF ने मांग की है कि कलकत्ता हाईकोर्ट अब निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को निर्देश दे कि ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर तुरंत रोक लगायी जाये और 6 अक्टूबर के उपचुनाव (West Bengal By Elections Date 6 October 2026) में इसे दोनों में से किसी भी दल को न दिया जाये.

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अपंजीकृत दलों का सिंबल पर स्थायी अधिकार नहीं : आयोग

निर्वाचन आयोग (ECI) की वकील अनामिका पांडे ने आईएसएफ के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आईएसएफ एक गैर-पंजीकृत राजनीतिक दल है. भाजपा या कांग्रेस जैसे राष्ट्रीय व मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों के विपरीत, अपंजीकृत दलों के पास किसी एक चुनाव चिह्न को स्थायी रूप से सुरक्षित (Reserve) रखने का कानूनी अधिकार नहीं होता. ISF को केवल पिछले 2 चुनावों के लिए ही यह सिंबल आवंटित किया गया था.

नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव से पहले बढ़ा विवाद

विवाद इसलिए बेहद संवेदनशील हो गया है, क्योंकि पश्चिम बंगाल की 2 महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों – नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है. दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार 4 अक्टूबर को समाप्त हो जायेगा. आईएसएफ ने नंदीग्राम सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है, जहां से बागी टीएमसी गुट भी चुनावी मैदान में है.

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‘जोड़ा फूल’ पर पहले ही लग चुकी है रोक

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर 2026 को ही टीएमसी के दोनों धड़ों (ममता बनर्जी गुट और रीतब्रत बनर्जी गुट) को इन उपचुनावों में पार्टी के नाम और मूल चिह्न ‘जोड़ा फूल’ का इस्तेमाल न करने का आदेश दिया था. कलकत्ता हाईकोर्ट ने आयोग के वकील के अनुरोध पर मामले की सुनवाई 24 सितंबर (बृहस्पतिवार) तक के लिए स्थगित कर दी.

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