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शेखपुरा में मटोखर दह स्थित सुरक्षित (प्लेस ऑफ सेफ्टी)स्थान में रह रहे एक किशोर ने बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षण एवं परीक्षा बोर्ड, पटना से दसवीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास कर मिसाल पेश की है। किशोर ने परीक्षा में 68 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। उसकी सफलता ने सुरक्षित स्थान में रह रहे दूसरे किशोरों के बीच भी पढ़ाई को लेकर उम्मीद जगाई है। 15 जिलों के 91 किशोर रहते हैं सुरक्षित स्थान में मटोखर दह के सुरक्षित स्थान में वर्तमान में 15 जिलों के कुल 91 किशोर रह रहे हैं। ये सभी अलग-अलग कानूनी मामलों में आरोपी हैं। यहां ऐसे किशोर भी पहुंचते हैं, जिन्हें पढ़ाई का पहले कोई अनुभव नहीं होता। कई बच्चे यहीं से अक्षर ज्ञान और पढ़ाई की शुरुआत करते हैं। पढ़ाई के लिए किशोरों को लगातार किया जा रहा प्रोत्साहित सुरक्षित स्थान में रहकर मैट्रिक परीक्षा पास करने वाले किशोर की उपलब्धि को अन्य बच्चों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि किशोरों को पढ़ाई से जोड़ने और उनके भीतर सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। डीएम ने बांटी थी डायरी और पेन जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने भी किशोरों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। वे शुरू से ही सुरक्षित स्थान में रह रहे किशोरों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करने का प्रयास करते रहे हैं। पिछले वर्ष 15 अगस्त को उन्होंने सभी किशोरों के बीच डायरी और पेन का वितरण किया था। इसके अलावा समय-समय पर उन्हें पढ़ाई के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाता रहा है। स्टाफ और बाल संरक्षण इकाई में खुशी किशोर की सफलता पर सुरक्षित स्थान के अधीक्षक सुदर्शन शर्मा समेत वहां के स्टाफ और बाल संरक्षण इकाई के कर्मचारियों में खुशी है। अधिकारियों का मानना है कि यह उपलब्धि दूसरे किशोरों को भी पढ़ाई जारी रखने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
'सुरक्षित स्थान' के किशोर को 10वीं में 'पहला स्थान':शेखपुरा-68% अंक लाकर किशोर ने पास की मैट्रिक परीक्षा

