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धालभूमगढ़| बहरागोड़ा के सुभाष शिशु उद्यान परिसर में 2 अक्टूबर की शाम शिक्षा, साहित्य और सांस्कृतिक चेतना के नाम रही। निःशुल्क बंगला शिक्षाकेंद्र आमादेर भाषा और साहित्य एवं संस्कृति संघ के संयुक्त तत्वावधान में समाज सुधारक ईश्वरचंद्र विद्यासागर, महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण किया। दीप प्रज्वलन हुआ। इसके बाद चंद्रशेखर पाल ने स्वागत भाषण दिया। आगंतुकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने तीनों महापुरुषों के जीवन और आदर्शों पर बात रखी। लेखक वीरेंद्रनाथ घोष ने विद्यासागर के जीवन, संघर्ष और समाज सुधार में योगदान को याद किया। आमादेर भाषा की संस्थापक डॉ. बेबी शॉ ने कहा कि विद्यासागर ने बंगला भाषा के प्रचार-प्रसार में अहम भूमिका निभाई। समाज के नैतिक और मानवीय मूल्यों के निर्माण में भी योगदान दिया। लेखक प्रभंजन माहात ने गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों पर विचार रखे। वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता बताई। कवयित्री कल्पना बोस ने अपनी स्वरचित कविता का पाठ किया।
धालभूमगढ़ में गांधी व शास्त्री जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
