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जेएसएससी सीजीएल-2023 परीक्षा में पेपर लीक और भर्ती धांधली के संगठित नेटवर्क में सीधे तौर पर 19 लाख की मनी ट्रेल का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जांच में सामने आया कि एएसओ के पद पर चयनित दीपक कुमार ने परीक्षा पास करते ही अपने ससुर सुरेश राय के खाते में 14 लाख जमा कराए थे। रुपए 22 जनवरी 2026 को परिणाम आने और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमा कराए गए थे। उसी दिन उसके साले व मामले के सह-आरोपी उमेश कुमार राय (जो बाद में आईजी ऑफिस बोकारो में एएसओ बना) के खाते में ₹5 लाख ट्रांसफर किए गए। रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायिक आयुक्त (एजेसी-1) योगेश कुमार की अदालत ने मामले की गंभीरता और पुख्ता वित्तीय साक्ष्यों को देखते हुए मंगलवार को सफल अभ्यर्थी दीपक कुमार की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सीआईडी द्वारा अदालत में पेश केस डायरी के अनुसार, दीपक कुमार सिर्फ पेपर लीक का लाभार्थी नहीं था, बल्कि वह गिरोह का सक्रिय हिस्सेदार था। दीपक ने स्वीकार किया है कि उसे सह-आरोपी रितेश सिंह उर्फ मुन्ना और मिथिलेश सिंह उर्फ आरके सिंह के जरिए लीक प्रश्न-उत्तर मिले थे। परीक्षा से पूर्व बोकारो के दुग्दा स्थित बीसीसीएल क्वार्टर में अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा था, जहां दीपक ने खुद प्रश्न-उत्तर रटे और अन्य अभ्यर्थियों को सेफ हाउस तक पहुंचाने के लिए दो गाड़ियां (JH-10CF-6354 और JH-10CM-7175) भी लगवाईं। हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी दीपक कुमार की जमानत याचिका खारिज की दुग्दा में अभय तिवारी भी था मामले में अभियोजन ने केस डायरी के हवाले से खुलासा किया कि अभय कुमार तिवारी के मोबाइल नंबर (9162835417) का सीडीआर खंगालने पर तकनीकी साक्ष्य मिले हैं। 21 सितंबर 2024 को परीक्षा की पूर्व संध्या और परीक्षा के दौरान अभय पहले चास (बोकारो) और फिर दुग्दा में मौजूद था। ठीक इसी अवधि में उम्मीदवारों को दुग्दा के क्वार्टर में प्रश्न-उत्तर रटवाए जा रहे थे। सह-अभियुक्त उमेश राय के स्वीकारोक्ति बयान ने भी पुष्टि की है कि 20 सितंबर 2024 को दुग्दा क्वार्टर में प्रश्न-उत्तर सामग्री लेने पहुंचे अभ्यर्थियों के बीच अभय तिवारी और उसकी प|ी सुषमा कुमारी खुद मौजूद थे। 3.80 लाख आरोपी की पत्नी के खाते से अभय को ट्रांसफर सीआईडी की जांच में वित्तीय कड़ी भी बेनकाब हो गई है। सीआईडी ने बैंकिंग रिकॉर्ड के जरिए अदालत को बताया कि सह-अभियुक्त व सीजीएल में सफल अभ्यर्थी विजय कुमार तिवारी की प|ी सीमा कुमारी के बैंक खाते से अभय कुमार तिवारी के बैंक खाते में कुल 3,80,000 ट्रांसफर किए गए थे। यह लेनदेन अभ्यर्थियों से वसूली गई प्रतिफल राशि और सेटिंग के सिंडिकेट से जुड़ा है। उमेश परीक्षार्थियों को जुटाता था केस डायरी के मुताबिक, दीपक कुमार ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसका साला उमेश कुमार राय इस पूरे सिंडिकेट में परीक्षार्थियों को जुटाने और सेटिंग कराने का काम देख रहा था। दीपक के मोबाइल नंबर (8271100100) के कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला है कि परीक्षा के दौरान वह लगातार धनबाद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में मौजूद था। जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष की जमानत पर आज सुनवाई होगी जेपीएससी की भर्ती परीक्षा में कथित धांधली के आरोप में जेल में बंद आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में 7 अक्टूबर को सुनवाई होगी। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की अदालत में मामले की सुनवाई के लिए याचिका सूचीबद्ध है। एल. ख्यांग्ते को सीआईडी ने तीन दिनों की पूछताछ के बाद 10 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।
सीजीएल मामले में सीआईडी का खुलासा:एएसओ बनते ही दीपक ने ससुर के खाते में 14 लाख डाले, साले को 5 लाख दिए
