
पटना कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
राज्य में जमाबंदी सुधार के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मुख्य रूप से नौ दस्तावेजों को आधार बनाया है. खास बात यह है कि इसे उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी रैयत को नहीं दी गयी है. संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को विभागीय स्तर पर ही दस्तावेज प्राप्त करना होगा. साथ ही इन दस्तावेजों में से जरूरत के मुताबिक दस्तावेज से मिलान और सत्यापन के बाद ही जमाबंदी सुधार किया जायेगा. इसके साथ ही राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने संबंधित अधिकारियों को खास निर्देश दिया है.
डिजिटाइज्ड जमाबंदी का होगा मिलान
अधिकारियों को मिले निर्देश में कहा गया है कि डिजिटाइज्ड जमाबंदी का मिलान मूल जमाबंदी पंजी की स्कैन प्रति से ही किया जायेगा. इसके लिए अभिलेखागार में रखे गये मूल पंजी का उपयोग नहीं किया जायेगा. दस्तावेजों में विरोधाभास होने पर उसका परीक्षण कर सक्षम स्तर से विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा. इसका मकसद आम रैयतों के दस्तावेजों की त्रुटियों का जल्द समाधान करना है. विभाग की तरफ से स्पष्ट कहा गया है कि प्रकरण की प्रकृति के अनुसार नीचे दिये गये नौ प्रकार के अभिलेखों और रिपोर्टों का परीक्षण कर सुधार का आधार निर्धारित किया जाएगा.
कौन-कौन अभिलेख चाहिए
- पंजी-॥ की स्कैन प्रति
- संबंधित सर्वेक्षण का खतियान
- नक्शा,
- प्लॉट इंडेक्स
- संबंधित राजस्व अभिलेख,
- पूर्व दाखिल खारिज आदेश,
- शुद्धि पत्र
- संबंधित वाद-अभिलेख,
- निबंधित दस्तावेज
- पारित सक्षम आदेश,
- सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत बंदोबस्ती,
- पट्टा, आवंटन या हस्तांतरण आदेश,
- अधिकृत अमीन का मापी प्रतिवेदन
- स्थल-जांच रिपोर्ट
- सक्षम न्यायालय अथवा राजस्व प्राधिकार का प्रभावी आदेश
- प्रकरण से संबंधित अन्य प्रामाणिक अभिलेख
प्रत्येक मामले में अनिवार्य नहीं हैं सभी दस्तावेज
विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस सूची में शामिल सभी दस्तावेज प्रत्येक मामले में अनिवार्य नहीं होंगे. जिस मामले में सुधार की जरूरत होगी उसके लिए आवश्यक और संबंधित अभिलेख ही लिए जाएंगे. विभागीय कार्यालयों में उपलब्ध अभिलेखों को संबंधित कार्यालय से प्राप्त किया जाएगा. साथ ही उन्हें फिर प्रस्तुत करने का अनावश्यक भार रैयत पर नहीं डाला जाएगा.
बिहार की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
दस्तावेज की प्रति पर सुधार प्रस्ताव अंकित करना जरूरी
राजस्व कर्मचारी संबंधित जमाबंदी के दस्तावेज की प्रति पर प्रत्येक प्रस्तावित सुधार स्पष्ट रूप से अंकित करेंगे. इसके साथ वर्तमान ऑनलाइन प्रविष्टि, संबंधित दस्तावेज में उपलब्ध प्रविष्टि, प्रस्तावित शुद्ध प्रविष्टि और सुधार के आधार का विवरण तैयार किया जायेगा. निर्धारित जांच और सक्षम पदाधिकारी की स्वीकृति या आदेश के बाद ही ऑनलाइन सुधार किया जाएगा. इस दौरान अभिलेखागार में रखी गयी मूल पंजी या उसकी स्कैन प्रति में अनाधिकृत काट-छांट नहीं की जाएगी.
The post जमाबंदी सुधार का झंझट खत्म: नये नियम में अब सिर्फ 9 दस्तावेजों से दूर होंगी त्रुटियां, जानें किसे मिलेगी छूट appeared first on Prabhat Khabar.
