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गोपालगंज के ADM राजेश्वरी पाण्डेय के पास आय से अधिक 135% संपत्ति मिलने का मामला सामने आया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को SVU की टीम ने पटना, गोपालगंज और रोहतास में उनके सरकारी आवास, ऑफिस और पुश्तैनी घर समेत 5 ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। जांच के दौरान अब तक 3 करोड़ 12 लाख 47 हजार 400 रुपए की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। इनमें करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपए की 12 फिक्स्ड एसेट्स, 35 बैंक खातों में जमा 1 करोड़ 49 लाख 17 हजार 400 रुपए की FD और करीब 32 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात शामिल हैं। SVU के मुताबिक, शुरुआती जांच में राजेश्वरी पाण्डेय के पास उनकी कानूनी कमाई से 1 करोड़ 65 लाख 83 हजार 300 रुपए ज्यादा की संपत्ति होने का पता चला था। यह उनकी वैध आय से 89.6% अधिक थी। इसी आधार पर 8 अक्टूबर 2026 को विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या 20/2026 दर्ज किया गया था। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर अब आंकड़ा बढ़कर 2 करोड़ 50 लाख 18 हजार 300 रुपए यानी वैध आय से 135.23% अधिक हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ ठिकानों पर तलाशी अभी जारी है। ऐसे में संपत्ति से जुड़े और दस्तावेज मिलने की संभावना है। छापेमारी से जुड़ी तस्वीरें देखिए… पटना समेत 5 ठिकानों पर छापा अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष निगरानी इकाई सुधांशु कुमार ने बताया, विश्वसनीय सूचना मिलने और उसके सत्यापन के बाद राजेश्वरी पाण्डेय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद निगरानी, पटना की विशेष अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त कर टीम ने शुक्रवार को एक साथ 5 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की। तलाशी के दायरे में पटना स्थित फ्लैट, रोहतास जिले के पैतृक गांव ठोरसन में मकान, गोपालगंज स्थित आवास और ADM के कार्यालय समेत अन्य संबंधित परिसर शामिल हैं। इस कार्रवाई का उद्देश्य उनकी घोषित और वैध आय के मुकाबले अर्जित संपत्तियों, बैंक जमा, निवेश और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाना है। बनारस, ठोरसन और सासाराम में जमीन के दस्तावेज मिले तलाशी के दौरान FIR में पहले से दर्ज अचल संपत्तियों के अतिरिक्त पांच जमीन के दस्तावेज भी मिले हैं। ये जमीन वाराणसी, उनके पैतृक गांव ठोरसन और सासाराम में बताए गए हैं। SVU के अनुसार, अब तक राजेश्वरी पाण्डेय, उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर कुल 12 अचल संपत्तियों का खुलासा हुआ है। इनका अनुमानित मूल्य करीब 1 करोड़ 32 लाख रुपए बताया गया है। इनमें जमीन और मकान जैसी संपत्तियां शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया था कि अधिकारी ने पटना और अपने पैतृक गांव समेत अलग-अलग स्थानों पर अपने और परिजनों के नाम से संपत्तियां खरीदी थीं। अब इन संपत्तियों के ओनरशिप, खरीद की तारीख, भुगतान के स्रोत और घोषित आय से उनके संबंध की जांच की जाएगी। 35 बैंक खातों में 1.49 करोड़ रुपए की FD तलाशी में बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। SBI, PNB, HDFC बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कुल 35 खातों के जरिए करीब 1 करोड़ 49 लाख 17 हजार 400 रुपए की FD और जमा राशि का पता चला है। इसके अतिरिक्त तलाशी के दौरान 8 लाख 50 हजार रुपए की FD से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। जांच एजेंसी इन दस्तावेजों का मिलान पहले से दर्ज वित्तीय विवरणों से कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जमा रकम किन स्रोतों से जुटाई गई थी। क्या इसका उल्लेख अधिकारी की वैध आय में किया गया था। प्रारंभिक जांच में यह भी आरोप सामने आया था कि अवैध तरीके से अर्जित धन को पत्नी और बच्चों के बैंक खातों के माध्यम से विभिन्न वित्तीय संस्थानों में निवेश किया गया। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। 32 लाख के सोने-चांदी के जेवरात, 1.85 लाख नकद मिले छापेमारी के दौरान आवासीय परिसर से 1 लाख 85 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा करीब 32 लाख रुपए के सोने-चांदी के गहने मिले हैं। तलाशी टीम को महंगे सामान की खरीदारी से संबंधित कई बिल और वाउचर भी मिले हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर खरीदे गए सामान की कीमत, खरीद का समय और भुगतान के सोर्स की जांच की जा सकती है। निगरानी इकाई अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि अधिकारी की कमाई के हिसाब से ये संपत्तियां और निवेश सही हैं या नहीं। शेयर-म्यूचुअल फंड में निवेश की भी जांच प्राथमिकी दर्ज करने से पहले की गई जांच में राजेश्वरी पाण्डेय के कई जगह निवेश करने की जानकारी मिली थी। इनमें LIC, NSS, SBI Life Insurance, शेयर और म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश शामिल है। जांच एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने अडाणी पावर, हबटाउन, हिंदुस्तान उनीलिवर, AIMDC और Suzlon जैसी कंपनियों में भी निवेश किया है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन निवेशों में कितनी रकम लगी है, पैसा कहां से आया और इसके लिए किन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी देखा जाएगा कि निवेश राजेश्वरी पाण्डेय ने अपनी कमाई से किया था। इसमें उनके परिवार के सदस्यों के खातों और दूसरे माध्यमों से पैसा लगाया गया था। बता दें कि राजेश्वरी पाण्डेय ने साल 2010 में सरकारी नौकरी शुरू की थी। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर तैनाती के दौरान उन पर अवैध तरीके से संपत्ति जुटाने का आरोप है। बता दें कि वैशाली के बेलसर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.कामिनी प्रसाद और उनके कंप्यूटर ऑपरेटर हिमांशु कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया है। इसके बाद निगरानी विभाग की टीम शुक्रवार, 9 अक्टूबर को डॉ. कामिनी प्रसाद के पटना स्थित आवास की तलाशी ले रही है। अब तक तलाशी में 15 लाख रुपए से ज्यादा नकद, सोने-चांदी के जेवरात, फ्लैट और बीमा से जुड़े कागजात मिले हैं। इसके अलावा बैंक खातों में 99 लाख 61 हजार 623 रुपए जमा होने की जानकारी मिली है। तलाशी की कार्रवाई अभी जारी है।
गोपालगंज ADM के ठिकानों पर रेड, 3.12Cr के प्रॉपर्टी मिले:32 लाख के सोने-चांदी के जेवरात, SVU ने 5 ठिकानों पर की छापेमारी
