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मां दुर्गा की अधिष्ठापना के लिए धनबाद में भव्य पंडालों का निर्माण अंतिम चरण में है। इन पंडालों में महाषष्ठी की शाम से मां का आगमन होगा। फिर महासप्तमी से मां दर्शन देंगी। भक्तों का तांता उमड़ेगा। आज से भास्कर भी हर रोज कराएगा उन भव्य पंडालों का दर्शन…जहां मां विराजेंगी। आज पहली कड़ी में झारखंड मैदान, हीरापुर के दिव्य निवास का दर्शन… हीरापुर झारखंड मैदान में अंडमान के आदिवासी शीश महल पंडाल लगभग आकार ले चुका है। सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा समिति का इस पंडाल जरिए अंडमान निकोबार व झारखंड की आदिवासी संस्कृति को दर्शाने का प्रयास है। बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर के राजकुमार पंडा की देखरेख में 40 कारीगर पंडाल को अंतिम रूप देने में लगे हैं। आदिवासी शीश महल बनाने में हुगला पत्ता, बांस की पट्टी व गोल टुकड़ा, नारियल माला, चटाई, जूट, ताड़ पत्ता का इस्तेमाल किया गया है। पंडाल के प्रवेश द्वार पर मछली की आकृति देखते ही बन रही है। पंडाल के अंदर आदिवासी रहन-सहन व लोक नृत्य को दिखाया गया है। पूजा का बजट 32 लाख रुपए है। 14 लाख का पंडाल ही है। 16 को षष्ठी के दिन पट खुलेगा। इस बार खास क्या
32 लाख रुपए है इस बार पूजा का बजट, इसमें 14 लाख का पंडाल
27 वें वर्ष यहां पूजा का हो रहा आयोजन, वर्ष 2000 में हुई थी शुरुआत, बजट था 60 हजार
अंडमान का आदिवासी शीशमहल निहारें:आज से रोज करें मां के भव्य पंडालों के दर्शन
