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मोतिहारी के न्यू पोल पब्लिक स्कूल में पर्यावरण की पाठशाला और पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बच्चों को प्रकृति संरक्षण और भारतीय लोक परंपराओं का महत्व बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार ने कहा कि भारतीय लोक परंपराओं में सदियों से प्रकृति का सम्मान किया जाता रहा है। पेड़-पौधों और नदियों की पूजा इसी परंपरा का हिस्सा है। चकिया के पूर्व प्रमुख विश्वनाथ पासवान ने बच्चों से लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। जल बचाने और प्लास्टिक का कम उपयोग करने की सीख वन विभाग से मिले पौधे स्कूल परिसर में लगाए गए। इस दौरान विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाने, प्लास्टिक का कम उपयोग करने और जैव विविधता के महत्व के बारे में बताया गया। स्कूल के निदेशक विनय भारद्वाज ने कहा कि नई पीढ़ी तक प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना पहुंचाना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य नवलकिशोर सिंह ने की, जबकि संचालन अंकित कुमार ने किया। इस मौके पर पर्यावरण प्रेमी राज गुरु, वरीय शिक्षक रामदेव प्रसाद, नागेश्वर पंडित, चंदेश्वर तिवारी, राहुल कुमार, सम्राट रामेश्वर, कैलाश राम, बबिता सिंह, शकुन्तला सिंह, अमृता श्रीवास्तव और सुनीता भारद्वाज सहित कई शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
मोतिहारी के स्कूल में बच्चों ने लगाए पौधे:प्लास्टिक का कम इस्तेमाल करने की दी गई सीख, प्रकृति संरक्षण का महत्व बताया
