
पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
राज्य के करीब 95 फीसदी राजस्व अधिकारियों ने अपने डोंगल के माध्यम से होने वाले राजस्व कार्यों को रोक दिया है. इस कारण दाखिल खारिज और परिमार्जन प्लस जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य बाधित हो गये हैं. यह दावा मंगलवार को बिहार राजस्व सेवा संघ (बिरसा) के अध्यक्ष आनंद कुमार ने किया है. उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के मुशहरी के अंचलाधिकारी महेंद्र शुक्ला और राजस्व अधिकारी करुण करण की गिरफ्तारी का बिरसा की तरफ से विरोध किया जा रहा है.
एसओपी जारी किए जाने की मांग
आनंद कुमार ने बताया कि इस संबंध में बिरसा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री, राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की. उन सभी से प्रतिनिधिमंडल ने दाखिल-खारिज की अर्ध-न्यायिक प्रकृति, अधिकारियों के विधिक संरक्षण और इस संबंध में स्पष्ट एसओपी जारी किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी.
फिलहाल प्रतीक्षा कर रहा है संघ
प्रतिनिधिमंडल ने बीएनएसएस के प्रावधानों के तहत में विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने अथवा गिरफ्तारी की कार्रवाई से पूर्व सक्षम स्तर से अनुमति की आवश्यकता के विषय पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश अपेक्षित हैं. इसी संदर्भ में गृह विभाग की ओर से एक एसओपी जारी किए जाने की बात हुई थी, लेकिन वह एसओपी अभी तक प्राप्त नहीं हुयी है. इसी कारण संघ फिलहाल प्रतीक्षा कर रहा है. सरकार द्वारा जारी होने वाले औपचारिक दिशा-निर्देशों के आलोक में आगे की रणनीति तय की जा सके.
अमीन और राजस्व कर्मचारियों की भी हड़ताल
राज्य के अमीन और राजस्व कर्मचारी भी अपनी-अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर हैं. अमीनों की संख्या करीब 1200 और राजस्व कर्मचारियों की करीब 3700 है. ऐसे में अंचल कार्यालय के राजस्व कार्य बाधित हो गये हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि राजस्व अधिकारियों की मांगों की जानकारी मुख्य सचिव और डीजीपी तक पहुंचा दी गयी है. यह मामला पुलिस कार्रवाई से जुड़ा है तो इस पर सरकार के स्तर पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. इसके साथ ही डोंगल से काम रोकने संबंधी सवाल पर सचिव ने कहा कि यदि डोंगल से काम नहीं किया जायेगा और रिपोर्ट में दाखिल खारिज जीरो दिखेगा तो हमलोग भी सोचेंगे कि आगे क्या करना है. अमीनों और राजस्व कर्मचारियों के सामूहिक अवकाश या हड़ताल के संबंध में उन्होंने कहा कि पहले भी उनकी मांगों पर सरकार ने विचार किया था. बहुत मांगें मान ली गयी थीं. बची हुयी मांगों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है.
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ये रहे शामिल
विभाग के मंत्री, राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में बिरसा के अध्यक्ष आनन्द कुमार, महासचिव सौरभ कुमार, संयुक्त सचिव राहुल कुमार और उदय प्रताप सिंह शामिल थे.
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