बेगूसराय में सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर प्रतिक्रिया दी है। कहा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने देश की राजनीति में विरोध-प्रदर्शन का एक नया और अनोखा स्टाइल इजाद कर दिया है
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केहुनी मार शैली के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने पत्रकारों, बेटियों और बहनों तक को नहीं बख्शा और ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
उन्होंने कहा है कि प्रियंका गांधी ने भी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ ऐसा ही रवैया अपनाया। अपने राजनीतिक जीवन में भाई-बहन का अजीबोगरीब और आक्रामक प्रदर्शन पहली बार देखा है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि इन लोगों का देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और उसकी मर्यादाओं में कोई भरोसा या विश्वास नहीं बचा है।

बेगूसराय में गिरिराज।
‘नेत्रियों की लड़ने की यह क्षमता आखिर कहां गायब हो गई’
गिरिराज सिंह ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े संवेदनशील और गंभीर मामले का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जेएनयू प्रशासन ने उस प्रोफेसर को संस्थान से बाहर का रास्ता दिखा दिया है, जिसके ऊपर छात्राओं और महिलाओं के साथ यौन शोषण करने के गंभीर आरोप लगे थे।
कांग्रेस की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाले लोकप्रिय नारे लड़की हूं, लड़ सकती हूं पर तंज कसते हुए गिरिराज सिंह ने सवाल उठाया कि महिलाओं की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए लड़ने का दम भरने वाली उन नेत्रियों की लड़ने की यह क्षमता आखिर कहां गायब हो गई है।
‘प्रियंका गांधी ने मौन धारण कर लिया है’
आज इस प्रकार के मामलों पर पूरी कांग्रेस पार्टी ने चुप्पी साध रखी है और प्रियंका गांधी ने भी इस पर पूरी तरह से मौन धारण कर लिया है, जिससे साफ है कि वे इस पर कुछ नहीं बोल रही हैं। कोई भी कांग्रेसी नेता इस गंभीर विषय पर मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
यह कैसा मौन व्रत है, जो महिलाओं के मुद्दों पर धारण कर लिया गया है। इस पर देश में खुलकर और गंभीरता के साथ बात होनी चाहिए, जिससे जनता के सामने इन नेताओं का असली चरित्र उजागर हो सके।
