नवरात्र के अवसर पर धनबाद की खुशियों की उड़ान संस्था की महिलाओं ने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में 51 नवजात कन्याओं का पूजन कर अनूठी पहल की।
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इस दौरान बच्चियों को वस्त्र, मिठाई और चुनरी भेंट कर उनके स्वस्थ जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। संस्था की महिलाओं ने इस पहल के माध्यम से समाज को बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश दिया।
संस्था की सदस्यों के अनुसार, पिछले छह दिनों में अस्पताल में जन्म लेने वाली बच्चियों को इस कार्यक्रम के तहत सम्मानित किया गया। महिलाओं ने कन्याओं को मां शक्ति का स्वरूप मानते हुए उनका स्वागत किया। संस्था का उद्देश्य नवरात्रि में कन्या पूजन के साथ समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।

संस्था की सचिव निहारिका सिंह ने कहा कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि परिवार और समाज का गौरव हैं। बेटियों को भी लड़कों के समान शिक्षा, सुरक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियों का सम्मान केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उनके पालन-पोषण और शिक्षा में भी दिखाई देना चाहिए।
संस्था की सदस्यों ने अस्पताल में हाल ही में जन्मी जुड़वां बच्चियों का भी जिक्र किया, जिन्हें उनके परिजन अस्पताल में छोड़कर चले गए थे। महिलाओं ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज की सोच पर सवाल खड़े करती हैं। लड़का और लड़की में भेदभाव किए बिना दोनों को समान अवसर देना जरूरी है।
खुशियों की उड़ान संस्था की इस पहल का उद्देश्य समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को मजबूत करना है। संस्था की महिलाओं ने अपील की कि बेटियों के जन्म को भी उत्सव के रूप में मनाया जाए और उन्हें बेहतर शिक्षा, सुरक्षा तथा आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए। बेटियों का सम्मान केवल त्योहारों तक सीमित न रहे, बल्कि हर परिवार की सोच और व्यवहार का हिस्सा बने।
