
Triveniganj Woman Navratri Death News: भक्ति, श्रद्धा और अटूट विश्वास की एक ऐसी दुखद खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके के लोगों की आंखों को नम कर दिया है. मां भगवती की आराधना में लीन होकर लगातार नौ दिनों तक अपनी छाती पर कलश रखकर कठिन साधना करने वाली एक महिला का अनुष्ठान तो सफलतापूर्वक पूरा हो गया, लेकिन उसके तुरंत बाद घटी एक अनहोनी ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया.
नवरात्र का व्रत और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर मंगलवार को अपने घर लौटी महिला की बुधवार की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई. जिस घर में पूजा संपन्न होने का उल्लास था, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई.
9 दिनों की कठिन साधना और अटूट आस्था
सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 04 निवासी वीरेंद्र यादव की 35 वर्षीय पत्नी सचिता देवी धार्मिक विचारों की महिला थीं. इस नवरात्र में उन्होंने मां दुर्गा की विशेष कृपा पाने के लिए त्रिवेणीगंज बाजार स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर परिसर में छाती पर कलश स्थापित कर नौ दिनों तक कठिन अनुष्ठान करने का संकल्प लिया था.
बिना अन्न-जल के या असीम शारीरिक कष्ट सहते हुए सीने पर भारी कलश रखकर नौ दिनों तक लेटे रहना भक्ति की बहुत बड़ी परीक्षा माना जाता है. सचिता देवी ने पूरे विधि-विधान और श्रद्धापूर्वक इस कठिन व्रत को पूरा किया. मंदिर परिसर में दर्शन के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालु भी उनके इस कठिन तप और असीम भक्ति भाव को देखकर नतमस्तक थे.
जानिए मंगलवार की रात से बुधवार सुबह तक क्या-क्या हुआ
नौ दिनों की कठिन साधना और महानवमी-विजयादशमी के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद मंगलवार को सचिता देवी मंदिर परिसर से सकुशल अपने घर लौटी थीं. घर में धार्मिक अनुष्ठान के सफल होने पर खुशियों का माहौल था और परिजन उनका हाल-चाल पूछ रहे थे.
हालांकि, मंगलवार की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिजनों ने कुछ प्राथमिक उपाय किए, जिससे उन्हें थोड़ी देर के लिए राहत मिली और वे सो गईं. लेकिन बुधवार की सुबह होते ही सचिता देवी के सीने में दोबारा तेज दर्द शुरू हो गया. दर्द इतना तीव्र था कि वे तड़पने लगीं. परिजन बिना एक पल गंवाए उन्हें आनन-फानन में त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे.
डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम ने तुरंत महिला की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद सचिता देवी को मृत घोषित कर दिया. पल भर में खुशियों से भरा घर करुण क्रंदन से गूंज उठा.
अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. उमेश कुमार मंडल ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि महिला को बुधवार सुबह अत्यंत गंभीर स्थिति में लाया गया था. परिजनों ने सीने में अचानक तेज दर्द होने की बात कही थी. डॉक्टर ने बताया कि नौ दिनों तक लगातार लेटे रहने, खान-पान की कमी और निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में पानी की अत्यधिक कमी हो जाना तथा हृदय संबंधी अचानक कोई गंभीर समस्या उत्पन्न होना मौत का संभावित कारण हो सकता है. हालांकि, वास्तविक कारण का आधिकारिक पुष्टीकरण होना बाकी है.
Triveniganj Woman Navratri Death News: खुशियों वाले घर में पसरा मातम
35 वर्ष की अल्पायु में सचिता देवी की अचानक मौत ने पूरे त्रिवेणीगंज इलाके को स्तब्ध कर दिया है. परिजन इस अनहोनी पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं. पति वीरेंद्र यादव और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. जिस घर में नवरात्र के अनुष्ठान के बाद प्रसाद बांटने और धार्मिक उत्सव की तैयारी चल रही थी, वहां अचानक मातमी सन्नाटा फैल गया है.
घटना की खबर आग की तरह पूरे नगर परिषद क्षेत्र में फैल गई. आस-पास के ग्रामीण और नाते-रिश्तेदार बड़ी संख्या में शोक-संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि सचिता देवी की भक्ति अद्वितीय थी, लेकिन इस तरह उनके अचानक चले जाने से हर कोई मर्माहत है.
Also Read: पप्पू यादव की बिगड़ी तबीयत, अचानक आने लगा चक्कर, गिरते-गिरते बचे सांसद
The post सुपौल: सीने पर कलश रख 9 दिनों तक की कठिन भक्ति, व्रत पूरा कर घर लौटी महिला की मौत से पसरा मातम appeared first on Prabhat Khabar.
