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दरभंगा में कौशल कुमार की अध्यक्षता में रैयाम चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर फिर से चालू करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ, नई दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य रैयाम चीनी मिल को सहकारिता मॉडल पर फिर से संचालित करने की संभावनाओं पर विस्तृत विचार-विमर्श करना था। विशेषज्ञों ने सहकारिता मॉडल के विभिन्न फायदों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस व्यवस्था में स्थानीय किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें उत्पादन, प्रबंधन और लाभ में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी दी जाएगी। अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी बैठक के दौरान कहा गया कि मिल के संचालन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी। गन्ना क्षेत्रफल (रकबा) बढ़ाने से जुड़ी संभावित चुनौतियों पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से वर्तमान सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नलकूपों की कार्यक्षमता बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और वैकल्पिक जल स्रोत विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया, ताकि गन्ना उत्पादन में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। चीनी मिल के संचालन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने के लिए Cane Feasibility Report पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत कृषि, सहकारिता, सिंचाई, ऊर्जा और राजस्व सहित संबंधित विभागों से आवश्यक आंकड़े एकत्रित करने पर सहमति बनी, ताकि एक व्यवहार्य और दीर्घकालिक योजना तैयार की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आवश्यक आंकड़े शीघ्र उपलब्ध कराएं और समन्वय के साथ कार्य सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य गन्ना सलाहकार आर.बी.डुले, तकनीकी सलाहकार एम चौधरी,संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियां, दरभंगा प्रमंडल विजय कुमार सिंह,अपर समाहर्ता राजस्व मनोज कुमार, ईख पदाधिकारी पुष्कर राज और जिला सहकारिता पदाधिकारी मधुबनी सुदर्शन कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की ओर से अलीनगर प्रखंड के लहटा तुमौल सुहथ पंचायत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, तुमौल में ‘सौ दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत पंचायत स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव गोपाल मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध कानूनों को शत-प्रतिशत लागू करने के लिए जनसहयोग अनिवार्य है। अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने शिक्षा के साथ स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो-कराटे जैसे खेलों का प्रशिक्षण लेने की सलाह दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला न्यायाधीश की ओर से वृक्षारोपण से की गई। विद्यार्थियों ने बाल विवाह विषय पर नाटक और कविता पाठ प्रस्तुत कर जागरूकता का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुति से प्रभावित होकर न्यायाधीश ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले शिक्षकों और अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त किया। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित कुमार मिश्र, प्रशिक्षु डीएसपी सह बहेड़ा थानाध्यक्ष रौशन कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
दरभंगा में रैयाम चीनी मिल को चालू करने की तैयारी:बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम; डीएम की अध्यक्षता में बैठक
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