Wednesday, October 28, 2026
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BJP नेता के पास आय से 124.81% अधिक संपत्ति मिले:रिंकू पाठक के पास से 3.56 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिली, 5 ठिकानों पर 8 घंटे तक छापा


BJP नेता रिंकू पाठक के ठिकानों पर मंगलवार को EOU ने 8 घंटे तक 5 ठिकानों पर छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति मामले में टीम ने केसरिया से पटना के दानापुर तक उनके आवास, गैस एजेंसी और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली। EOU की शुरुआती जांच में रिंकू पाठक और उनकी पत्नी के पास ज्ञात आय से 3 करोड़ 56 लाख 65 हजार रुपए से अधिक की संपत्ति मिली है। एजेंसी के मुताबिक, यह संपत्ति ज्ञात आय से 124.81% अधिक है। छापेमारी के बाद रिंकू पाठक ने घर से मिले करीब 2 लाख रुपए को गैस एजेंसी के कारोबार की नकदी बताया और जमीन के दस्तावेज वैध होने का दावा किया। इसी आधार पर 26 अक्टूबर 2026 को आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या 29/26 दर्ज किया गया था। वहीं, EOU ने तलाशी में जमीन खरीद से जुड़े 54 दस्तावेज, कैश, ज्वेलरी और गाड़ियों के कागजात मिलने की जानकारी दी है। एजेंसी के अनुसार, जमीन के दस्तावेज पटना, दिल्ली, मुंबई, मोतिहारी और केसरिया में संपत्ति खरीद से संबंधित हैं। इन संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और दस्तावेजों का सत्यापन होना बाकी है। नेता की पत्नी की पहचान केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद किरण देवी के रूप में हुई है। कार्रवाई सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुई और शाम करीब 4:30 बजे तक चली। पहले छापेमारी से जुड़ी तस्वीरें देखिए… रिंकू बोले-सरकार की पार्टी के लोग हैं, जांच में पूरा सहयोग किया छापेमारी के बाद मीडिया से बातचीत में रिंकू पाठक ने कहा, उन्हें नहीं पता कि उनके खिलाफ किसने शिकायत की है। उन्होंने कहा, “आर्थिक अपराध इकाई का अपना काम होता है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में जहां सूचना मिलती है, वहां टीम जांच-पड़ताल करती है। उसी क्रम में मेरे यहां भी आई। टीम ने तलाशी ली और जांच की। हमलोग कारोबारी हैं और राजनीति भी करते हैं। हम सरकार की पार्टी के लोग हैं। जांच के लिए कोई आता है, तो सहयोग करना हमारा फर्ज है। हमने भरपूर सहयोग किया।” उनके अनुसार, घर से मिले करीब 2 लाख रुपए गैस एजेंसी के कारोबार की नकदी हैं। टीम को पैतृक जमीन और उनके द्वारा खरीदी गई जमीन से जुड़े कागजात भी मिले। जमीन उनके नाम पर खरीदी गई है। उससे संबंधित जानकारी आयकर रिटर्न में दी गई है। जरूरत पड़ने पर वह दस्तावेजों के जरिए अपना पक्ष रखेंगे। हालांकि, नकदी कारोबार से संबंधित होने और जमीन के दस्तावेज वैध होने के दावों की पुष्टि संबंधित रिकॉर्ड के सत्यापन से ही हो सकेगी। EOU की जांच में इन दस्तावेजों और संपत्तियों का मिलान किया जाएगा। सुबह पहुंची टीम, कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी मंगलवार सुबह EOU की टीम केसरिया पहुंची। कार्रवाई में 35 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। टीम का नेतृत्व EOU के ASP परमेंद्र भारती कर रहे थे। उनके साथ DSP सीपी यादव, संजय कुमार और सुरेश प्रसाद समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। तलाशी के दौरान स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी शामिल रहे। टीम ने आवासों के साथ कारोबार से जुड़े स्थानों और संपत्ति के दस्तावेज रखे जाने वाली जगहों की जांच की। अधिकारियों ने जमीन की खरीद, गैस एजेंसी के कारोबार, वाहन और अन्य संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संपत्ति कब और किस कीमत पर खरीदी गई, भुगतान किस माध्यम से हुआ और इसके लिए धन का स्रोत क्या था। रिंकू पाठक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि टीम में तीन DSP समेत कई अधिकारी थे। एक साथ कई ठिकानों पर जांच की गई। अधिकारियों और वाहनों की संख्या को लेकर उनकी ओर से दी गई जानकारी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। केसरिया से दानापुर तक संपत्तियों की जांच EOU की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, टीम ने केसरिया और पटना के दानापुर स्थित ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें केसरिया के चनपुर स्थित पैतृक आवास, केसरिया बाजार स्थित निजी आवास, युवराज गैस एजेंसी का कार्यालय और गोदाम, केसरिया नगर पंचायत के मुख्य पार्षद कार्यालय तथा दानापुर के बालाजी नगर स्थित पार्क वेस्ट अपार्टमेंट का फ्लैट शामिल हैं। टीम ने अलग-अलग जगहों पर जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े कागजातों की जांच की। गैस एजेंसी के कार्यालय और गोदाम से कारोबार से संबंधित रिकॉर्ड खंगाले गए। पटना के दानापुर स्थित फ्लैट में भी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। EOU के अनुसार, तलाशी के दौरान करीब 2.50 लाख रुपए कैश, ज्वेलरी, गाड़ियों के दस्तावेज और जमीन खरीद से जुड़े 54 कागजात मिले। जमीन के दस्तावेज पटना, दिल्ली, मुंबई, मोतिहारी और केसरिया में खरीदी गई संपत्तियों से संबंधित बताए गए हैं। एजेंसी ने शुरुआती आकलन में संपत्तियों का मूल्य करोड़ों रुपए में होने की संभावना जताई है। हालांकि, इनका विस्तृत सत्यापन और मूल्यांकन किया जाना बाकी है। 3.56 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति का मामला EOU की शुरुआती जांच के मुताबिक, रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिंकू पाठक और उनकी पत्नी किरण देवी के पास ज्ञात आय से 3,56,65,118 रुपए अधिक की संपत्ति होने के साक्ष्य मिले हैं। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है। तलाशी के लिए पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से सर्च वारंट लिया गया था। कार्रवाई में STF की सहायता लिए जाने की जानकारी भी EOU ने दी है। आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी संबंधित व्यक्ति की ज्ञात आय, खर्च और संपत्तियों का मिलान करती है। इसमें कारोबार से होने वाली कमाई, अन्य वैध आय, जमीन-मकान की खरीद, वाहन, बैंक खातों और निवेश से जुड़े रिकॉर्ड देखे जाते हैं। इसके बाद यह आकलन किया जाता है कि कुल संपत्ति ज्ञात आय के अनुपात में कितनी है। 2008 में पहली बार पार्षद बने थे रिंकू, पत्नी मुख्य पार्षद रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिंकू पाठक वर्ष 2008 में पहली बार केसरिया नगर पंचायत के वार्ड पार्षद चुने गए थे। वह 2018 तक इस पद पर रहे। इसके बाद साल 2023 में फिर वार्ड संख्या-7 से पार्षद निर्वाचित हुए। उनकी पत्नी किरण देवी भी साल 2023 से केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद हैं। रिंकू पाठक के राजनीतिक और कारोबारी गतिविधियों से जुड़े होने के कारण छापेमारी की खबर सामने आने के बाद केसरिया में चर्चा तेज हो गई। उनके आवास और कारोबार से जुड़े स्थानों पर हुई कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों की नजर जांच के नतीजों पर है।

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