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जमुई के बरहट प्रखंड अंतर्गत तमकुलिया गांव के समीप मंगलवार की रात सड़क निर्माण स्थल पर बना गहरा गड्ढा एक बड़े हादसे का कारण बन गया। अंधेरा और निर्माण कार्य की लापरवाही मिलकर दो जिंदगियों पर भारी पड़ गईं। तेज रफ्तार से जा रही एक बाइक अनियंत्रित होकर सीधे गड्ढे में जा गिरी, जिसमें बाइक सवार मामा-भांजा गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रात करीब 9 बजे की है। बिना संकेतक के बना गहरा गड्ढा, बनी हादसे की वजह प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा मुख्य सड़क पर बड़ा गड्ढा खोदा गया था। आवागमन के लिए अस्थायी डायवर्जन तो बनाया गया, लेकिन वहां किसी भी प्रकार का सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग या प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। रात के अंधेरे में डायवर्जन बिल्कुल स्पष्ट नहीं दिख रहा था। इसी बीच तेज रफ्तार बाइक से आ रहे दोनों युवक डायवर्जन को देख नहीं पाए और बाइक सीधे गड्ढे में जा गिरी। गिरते ही दोनों सवार कई फीट नीचे जा फेंके और जोरदार चोट लगने से वहीं घायल होकर तड़पने लगे। घायलों को स्थानीय लोगों ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के तुरंत बाद सड़क किनारे मौजूद स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। अंधेरा होने के कारण कुछ देर तक स्थिति समझने में समय लगा, लेकिन जैसे ही पता चला कि दो लोग गड्ढे में गिरे पड़े हैं, लोगों ने तुरंत मशाल और टॉर्च की मदद से उन्हें बाहर निकाला। स्थानीयों की तत्परता से दोनों को तुरंत जमुई सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान उनकी गंभीर चोटों की पुष्टि की। घायलों की पहचान लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के नजारे गांव निवासी विवेक टूरी, पिता नरेश टूरी एवं हरकेश टूरी, पुत्र विनोद टूरी के रूप में हुई है। बरहट से लौट रहे थे दोनों, अंधेरे में डायवर्जन नहीं दिखा परिजनों के अनुसार हरकेश टूरी अपने ससुराल बरहट से मामा विवेक टूरी के साथ बाइक से घर लौट रहा था। अंधेरे में सड़क किनारे बने डायवर्जन का निशान स्पष्ट नहीं दिखा और बाइक अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा समाई। परिवारवालों ने बताया कि इस मार्ग पर निर्माण के दौरान कई बार लोगों ने सुरक्षा संकेतकों की कमी का मुद्दा उठाया था, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी और स्थानीय प्रशासन की तरफ से इस पर ध्यान नहीं दिया गया। परिणामस्वरूप यह गंभीर हादसा हो गया। अस्पताल में चल रहा इलाज, एक की हालत गंभीर जमुई सदर अस्पताल में दोनों घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक हरकेश टूरी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उसके सिर और सीने में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि विवेक टूरी को भी कई गहरी चोटें आई हैं। परिजन अस्पताल में लगातार मौजूद हैं और डॉक्टर इलाज में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों ने घटना के बाद निर्माण कार्य स्थल की स्थिति की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की हैं, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि वहां किसी प्रकार की लाइट या चेतावनी पट्टी नहीं लगी थी। निर्माण स्थल को लेकर लोगों में आक्रोश हादसे के बाद ग्रामीणों में निर्माण एजेंसी के प्रति जमकर आक्रोश है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण के नाम पर जानलेवा स्थिति बना दी गई है। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से निर्माण स्थल पर उचित बैरिकेडिंग और संकेतक लगाने की मांग की जा रही थी। रात में यह मार्ग काफी व्यस्त रहता है और वाहन चालक अक्सर निर्माण कार्य को लेकर परेशान रहते हैं, लेकिन फिर भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। एक ग्रामीण ने बताया, अगर उचित बैरिकेडिंग और लाइट लगाया होता, तो आज युवक अस्पताल में जिंदगी से लड़ाई नहीं लड़ता। यह पूरी तरह लापरवाही है। पुलिस ने शुरू की जांच, गड्ढे की जांच कराने की बात कही घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। जहां तक निर्माणाधीन गड्ढे और सुरक्षा इंतजाम की बात है, इसकी जांच कराई जाएगी। यदि लापरवाही पाई गई तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर फिर उठे सवाल यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है। निर्माण स्थल पर उचित संकेतक, चमकदार लाइट, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड अनिवार्य होते हैं, लेकिन कई जगहों पर इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। तमकुलिया में हुआ यह हादसा स्थानीय प्रशासन व निर्माण एजेंसी के लिए एक बड़ा सबक है कि लापरवाही की कीमत आम लोगों की जान से न चुकानी पड़े।
जमुई में निर्माणाधीन सड़क के गड्ढे में गिरी बाइक:मामा-भांजा गंभीर घायल, एक की हालत नाजुक
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