
Police Transfer News/4.3.26। टुच्चे से बदमाश को VIP ट्रींटमेंट देने के चक्कर में तीन पुलिसकर्मी नप गये। एसपी ने VIRAL वीडियो पर तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। पूरा मामला बिहार के मधेपुरा जिले का है। जहां शंकरपुर थाना कांड संख्या 240/25 के नामजद अभियुक्त अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ।
वायरल हुए वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। वीडियो में अभियुक्त को हथकड़ी लगे होने के बावजूद कथित तौर पर ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ पुलिसकर्मी देते हुए दिखे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है। शंकरपुर थाना क्षेत्र के मधेली वार्ड संख्या 13 निवासी अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव को शंकरपुर पुलिस ने उसके गांव से गिरफ्तार किया।
थाना लाकर आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी की गई और उसी दिन उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि गिरफ्तारी से लेकर न्यायालय में पेशी तक के दौरान के कई ‘रील’ इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गए, जिनमें पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में कथित तौर पर अभियुक्त को पुलिस वाहन के बजाय निजी वाहन में ले जाते हुए दिखाया गया है।
एक अन्य क्लिप में रास्ते में होटल पर रुककर भोजन करते दृश्य भी सामने आए हैं। हाथ में हथकड़ी पहने अभियुक्त स्वयं वीडियो बनवाते और विभिन्न गानों पर रील अपलोड करते नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब दबंग छवि प्रस्तुत करने के उद्देश्य से किया गया, जिससे कानून का भय समाप्त होने का संदेश जा रहा है।
वायरल वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी भी दिखाई दे रहे हैं, जिसने आम नागरिकों में असंतोष को बढ़ाया है। लोगों का कहना है कि जब जिले में अपहरण, हत्या, लूट, डकैती और दुष्कर्म जैसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं, तब इस प्रकार के दृश्य पुलिस की साख को कमजोर करते हैं। “अपराधी के साथ वीआईपी जैसा व्यवहार क्यों?”—यह सवाल आम चर्चा का विषय बन गया है।
अंकज कुमार उर्फ लल्लू यादव पर मधेपुरा जिले के शंकरपुर थाना सहित सुपौल जिले के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। वर्ष 2020 में मधेली निवासी चर्चित शिक्षक राम बाबू हत्याकांड में भी वह नामजद अभियुक्त रह चुका है। हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों में उसका नाम सामने आता रहा है। ऐसे अभियुक्त के साथ कथित ढील-ढाल व्यवहार ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी संदीप सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।




