पाकुड़ : 25 साल पुराने केस में सजा बरकरार
रांची | झारखंड हाईकोर्ट ने 25 साल पुराने हत्या के प्रयास और लूट के मामले में दो दोषियों की अपील खारिज कर दी और निचली अदालत की सजा बरकरार रखी। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा कि घायल प्रत्यक्षदर्शी की गवाही विश्वसनीय है और मेडिकल साक्ष्य भी उसका समर्थन करते हैं। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत रद्द करते हुए उन्हें दो माह के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। पाकुड़ सत्र न्यायालय ने हरिहर ठाकुर और अर्जुन ठाकुर को हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए क्रमशः 10, 7 और 3 वर्ष की सजा सुनाई थी। भाई की हत्या मामले में उम्रकैद घटाकर 7 साल
रांची | झारखंड हाईकोर्ट ने भाई की हत्या के मामले में सत्र न्यायालय के फैसले में संशोधन करते हुए आरोपी की सजा घटा दी। यह मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के गुमुरिया गांव का था। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने धारा 302 के तहत दी गई उम्रकैद को बदलकर धारा 304 (भाग-I) के तहत 7 वर्ष कठोर कारावास कर दिया। कोर्ट ने कहा कि घटना अचानक हुए विवाद में हुई और पूर्व नियोजित हत्या का इरादा साबित नहीं होता। आरोपी ने आवेश में एक वार किया था। अदालत ने 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया, जो मृतक की प|ी व बच्चों को देने का निर्देश दिया गया है। हाईकोर्ट की खबरें रांची | झारखंड हाईकोर्ट ने माओवादी संगठन से जुड़े मामले के आरोपी प्रभु प्रसाद साव उर्फ प्रभु साव को जमानत दे दी। न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने निचली अदालत के आदेश को रद्द करते हुए राहत दी। लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र में वर्ष 2017 में दर्ज केस में आरोपी 1 सितंबर 2017 से जेल में बंद है। अब तक किसी गवाह का बयान दर्ज नहीं हुआ है। कोर्ट ने माना कि वह करीब साढ़े आठ साल से जेल में है और ट्रायल जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है। मामले में एनआईए ने 2022 में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने 10 हजार के निजी मुचलके व दो जमानतदारों पर रिहाई का आदेश दिया।
8.5 साल से जेल में बंद आरोपी को जमानत
Date:




