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रांची | उच्च शिक्षण संस्थानों में बेटियों की मौजूदगी अब अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य होती जा रही है। रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों के नामांकन के आंकड़े इस बदलती तस्वीर को स्पष्ट रूप से सामने रखते हैं। विश्वविद्यालय में कई ऐसे विषय हैं, जहां छात्राओं की भागीदारी 70-85% तक पहुंच चुकी है। स्नातकोत्तर स्तर पर छात्राओं की उपस्थिति और अधिक सशक्त दिखाई देती है। हिंदी, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारी 70 से 85% के बीच दर्ज की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि बेटियां अब न केवल उच्च शिक्षा में बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं, बल्कि विभिन्न विषयों में मजबूत भागीदारी भी दर्ज करा रही हैं। स्नातक के तीन शैक्षणिक सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के नामांकन के आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय के कई विषयों में छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। खासतौर पर भाषा से जुड़े विषयों में छात्राओं का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आंकड़ों के अनुसार हिंदी विषय में सबसे अधिक छात्राएं नामांकित हैं, जहां औसतन 72.4 प्रतिशत नामांकन छात्राओं का है। वहीं अंग्रेजी में यह आंकड़ा 70.9 प्रतिशत और उर्दू में 64.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। ये आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भाषा विषयों के प्रति छात्राओं की रुचि लगातार मजबूत बनी हुई है। यूजी में छात्राओं की भागीदारी
हिंदी – 72.4%
अंग्रेजी – 70.9%
उर्दू – 64.7%
इतिहास – 61.4%
मनोविज्ञान – 54.9%
समाजशास्त्र – 53.8% पीजी के पांच विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारी
हिंदी – 83.7%
मनोविज्ञान – 75.8%
समाजशास्त्र – 69.1%
अंग्रेजी – 67.5%
कॉमर्स – 66.5% इतिहास में छात्राएं सर्वाधिक
इतिहास – 61.4%
समाजशास्त्र – 53.8%
मनोविज्ञान – 54.9% सोशल साइंस में मजबूत उपस्थिति
इतिहास, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान समेत सोशल साइंस के अन्य विषयों में भी छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। मनोविज्ञान में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2023-27 सत्र में जहां छात्राओं की हिस्सेदारी 49.5% थी, वहीं 2025-29 सत्र में यह बढ़कर 62.1% हो गई। कॉमर्स विषय में भी बढ़ रही छात्राओं की भागीदारी
कॉमर्स विषय विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विषयों में से एक है। तीन सत्रों का औसत देखें तो कॉमर्स में छात्राओं की भागीदारी 48.2% है। यहां भी छात्राओं की उपस्थिति काफी बढ़ी है।
उच्च शिक्षा में बेटियों का दबदबा:डीएसपीएमयू के लैंग्वेज विषयों में 85% तक पहुंची हिस्सेदारी, अन्य स्ट्रीम में भी आगे
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