- Hindi News
- Local
- Jharkhand
- Ranchi
- 4014 Complaints Await Justice, Who Will Hear The Call… State Women’s Commission Has Been Without A Chairperson Or Members For 6 Years
रांची3 घंटे पहलेलेखक: राजीव गोस्वामी
- कॉपी लिंक

झारखंड में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए गठित राज्य महिला आयोग पिछले करीब छह साल से खुद ही निष्क्रिय पड़ा है। 6 जून 2020 से आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों के पद रिक्त हैं, जिसके कारण इसकी कार्यप्रणाली लगभग ठप हो गई है। इस दौरान आयोग कार्यालय में शिकायतें लगातार आती रही हैं।
07 जून 2020 से 31 जनवरी 2026 तक कुल 4014 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण और मानव तस्करी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। लेकिन आयोग का गठन नहीं होने के कारण इन मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है और न्याय मिलने में देरी हो रही है। सरकार भले विभागीय कार्रवाई का दावा करती हो, लेकिन पीड़ित महिलाओं के लिए समर्पित मंच और त्वरित सुनवाई की व्यवस्था पिछले छह साल से ठप है। आयोग में एक अध्यक्ष और पांच सदस्यों के पद स्वीकृत हैं। सभी पग खाली रहने से अभी सिर्फ शिकायतें दर्ज कर फाइल में रख दी जाती हैं। उन पर आगे की कोई कार्रवाई नहीं हो पाती।
सबसे अधिक शिकायतें रांची से, घरेलू हिंसा के मामले सबसे ज्यादा महिला हिंसा से जुड़े मामलों में सबसे अधिक शिकायतें राजधानी रांची से राज्य महिला आयोग के पास पहुंची हैं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, दर्ज मामलों में घरेलू हिंसा से जुड़े परिवादों की संख्या सबसे ज्यादा है।
| जिला | मामले |
| रांची | 667 |
| जमशेदपुर | 216 |
| हजारीबाग | 150 |
| धनबाद | 148 |
| गिरिडीह | 127 |
| पलामू | 95 |
| रामगढ़ | 82 |
| साहिबगंज | 72 |
| गढ़वा | 66 |
| देवघर | 55 |
| दुमका | 55 |
| पाकुड़ | 49 |
| लातेहार | 48 |
| चतरा | 45 |
| गोड्डा | 45 |
| गुमला | 45 |
| कोडरमा | 44 |
| सरायकेला | 43 |
| चाईबासा | 25 |
| लोहरदगा | 25 |
| खूंटी | 23 |
| जामताड़ा | 22 |
| सिमडेगा | 15 |
वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है चार कार्यकाल में 10,364 मामले आए, 6,911 का हुआ निष्पादन लक्ष्मी सिंह (18 सितंबर 2006-17 सितंबर 2009) कुल प्राप्त मामले: 1134 निष्पादित मामले: 550 डॉ. हेमलता एस. मोहन (7 सितंबर 2010-6 सितंबर 2013) कुल प्राप्त मामले: 2070 निष्पादित मामले: 1383 डॉ. महुआ माजी (11 नवंबर 2013-10 नवंबर 2016) कुल प्राप्त मामले: 4680 निष्पादित मामले: 3587 कल्याणी शरण (7 जून 2017-6 जून 2020) कुल प्राप्त मामले: 2480 निष्पादित मामले: 1391
महिला आयोग को हर साल करीब दो करोड़ का अनुदान महिलाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए गठित राज्य महिला आयोग को राज्य सरकार हर साल करीब दो करोड़ रुपए का अनुदान देती है। इस राशि में से लगभग आधी रकम वेतन मद पर खर्च होती है, जबकि शेष राशि गैर-वेतन मद जैसे प्रशासनिक खर्च, सुनवाई की व्यवस्था और अन्य गतिविधियों पर खर्च की जाती है। बड़ा सवाल है कि सारी व्यवस्था रहने के बावजूद जब अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति ही न की जाए तो आयोग कार्य कैसे करेगा और न्याय की गुहार लगाने वाली पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय कैसे मिल पाएगा।
राजनीतिक असहमति में फंसा आयोग सरकार का दावा-इसी महीने होगा महिला आयोग का गठन राज्य महिला आयोग का गठन अब तक नहीं हो पाने के पीछे गठबंधन सरकार के भीतर राजनीतिक सहमति का अभाव मुख्य कारण बताया जा रहा है। अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति को लेकर गठबंधन दलों के बीच सहमति नहीं बन सकी, फैसला लगातार टलता रहा। सरकार की ओर से समय-समय पर आयोग के पुनर्गठन का आश्वासन दिया गया, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और आयोग का गठन लंबित रह गया। इस मुद्दे पर दिसंबर 2025 में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने झारखंड का दौरा कर आयोग के गठन में हो रही देरी पर चिंता जताई थी। उन्होंने राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जल्द आयोग का गठन करने की जरूरत बताई थी। अब राज्य सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि इसी महीने महिला आयोग का गठन कर दिया जाएगा।





