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राज्य के 48 नगर निकायों में अब डिप्टी मेयर और उपाध्यक्ष पद को लेकर राजनीति तेज हो गई है। इन पदों के लिए वोट देने वाले वार्ड पार्षदों को साधने की कोशिशें शुरू हो चुकी हैं। राजनीतिक दलों के बीच अब पर्दे के पीछे बैठकों और संपर्क अभियान का दौर तेज हो गया है। भाजपा, झामुमो और कांग्रेस अपने प्रभाव वाले निकायों में डिप्टी मेयर या उपाध्यक्ष पद जीतने की रणनीति बना रही हैं। इस बीच भाजपा ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए बागियों को भी साथ लेने का फैसला किया है। वहीं झामुमो और कांग्रेस के स्थानीय क्षत्रप भी सक्रिय हो गए हैं। कई नगर निकायों में तीसरा गुट भी उभरकर सामने आया है। यह गुट चाहता है कि किसी निर्दलीय वार्ड पार्षद को डिप्टी मेयर या उपाध्यक्ष बनाया जाए, ताकि दलों का दबदबा कम हो सके।
आदित्यपुर : भाजपा पार्षदों को जोड़ने में जुटी, लेकिन राह में कई रोड़े भी
आदित्यपुर नगर निगम में 35 वार्ड पार्षद हैं। यहां भाजपा अपने पक्ष में पार्षदों को जोड़ने की कोशिश कर रही है। रणनीति: पार्टी जल्द डिप्टी मेयर उम्मीदवार घोषित कर सकती है, जबकि पूर्व विधायक मलखान सिंह की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। मानगो : यहां मेयर भी कांग्रेस समर्थित जीता, इसलिए पार्टी की स्थिति काफी मजबूत
मानगो नगर निगम में 36 वार्ड पार्षद चुने गए हैं। यहां कांग्रेस को मजबूत माना जा रहा है, क्योंकि मेयर पद पर भी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीता है। रणनीति: बन्ना गुप्ता ने अब डिप्टी मेयर के लिए लामबंदी शुरू कर दी है। भाजपा भी पार्षदों को एकजुट करने में लगी है। रांची : झामुमो और कांग्रेस एक हुए तो फैसला उनके पक्ष में जा सकता है
रांची नगर निगम में 53 वार्ड पार्षद चुने गए हैं। यहां नए पार्षद बड़ी संख्या में जीतकर आए हैं और वही डिप्टी मेयर चुनाव के निर्णायक फैक्टर बन सकते हैं। रणनीति: भाजपा अपने पार्षदों को गोलबंद कर रही है। अगर झामुमो और कांग्रेस साथ आते हैं तो उनके पास बढ़त हो सकती है। धनबाद : 55 पार्षदों वाले निगम में रोचक मुकाबले के आसार, संजीव सिंह बड़ा फैक्टर
धनबाद नगर निगम में 55 वार्ड पार्षद हैं, जो राज्य के बड़े निगमों में से एक है। यहां डिप्टी मेयर का चुनाव पूरी तरह पार्षदों की गोलबंदी पर निर्भर करेगा। रणनीति: मेयर संजीव सिंह भाजपा के विधायक रह चुके हैं। अगर वे भाजपा के करीब आते हैं तो समीकरण बदल सकता है। जानिए… सभी नौ नगर निगम क्षेत्रों में कैसा है गणित भाजपा की बागी सुनीता-आशा को मिला था शो-कॉज, जीतने के बाद सम्मान भाजपा ने रविवार को चिरकुंडा नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता देवी और जामताड़ा नगर पंचायत की नवनिर्वाचित अध्यक्ष आशा गुप्ता को रांची में सम्मानित किया। निकाय चुनाव में समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ खड़े होने पर भाजपा ने आशा गुप्ता के पति तरुण गुप्ता को शो-कॉज नोटिस जारी किया था। इसी तरह सुनीता देवी को भी शो-कॉज किया गया था। हालांकि दोनों उम्मीदवार चुनाव जीत गईं। इसके बाद भाजपा नेताओं ने रविवार को रांची में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें सम्मानित किया।
भाजपा बागियों को साथ ला रही, झामुमो-कांग्रेस भी सक्रिय, तीसरा मोर्चा भी बना
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