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चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल में प्रसव के बाद बंदगांव के बंगरासाई गांव के एक मृत नवजात के मामले में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अजय कुमारने जांच का आदेश दिया है। वहीं, इस मामले में जिले के डीसी चंदन कुमार ने चक्रधरपुर एसडीओ को भी अपने स्तर से जांच करने का निर्देश दिया है। इधर, चक्रधरपुर अनुमंडल अस्प्ताल प्रबंधन ने दूसरे दिन बंगरासाई गांव निवासी रामकृष्ण हेम्ब्रम की पत्नी रीता तिरिया को प्रसव के बाद सभी प्रकार के इलाज के बाद अस्पताल से गांव तक एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचाया है। क्या है पूरा मामला?
बताते चलें कि कि महिला का प्रसव के बाद मृत शिशु का जन्म हुआ था। पति रामकृष्ण ने मृत शिशु को एक कागज के डिब्बे में बंदकर गांव में दफनाने के लिए ले गया था। इसी बीच किसी ने डिब्बे में बंद बच्चे को दिखाते हुए सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर दिया। इसके बाद सोशल मीडिया में स्वास्थ्य विभाग पर कई प्रकार के आरोप लगाए गए। खास बात यह रहीकि इस पूरे मामले में पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन सेमृत शिशु को लेकर घर जाने से संबंधित किसी भी प्रकार की मांग नहीं की थी। महिला के पति रामकृष्ण हेंब्रम ने खुद ही बच्चे को कागज के डिब्बे में भरा और पत्नी को अस्पताल में इलाजरत छोड़कर गांव में दफनाने चला गया था। दंपती बोले- हमने वाहन की नहीं की थी मांग
नवजात की मौत के बाद शव को कागज के डिब्बे में बंद कर घर ले जाने के मामले में जमकर हो हंगामा के बीच दैनिक भास्कर टीम पीड़ित के गांव पहुंची। यह गांव बंदगांव प्रखंड के एनएच-75 से कराईकेला और नाकटी गांव के बायीं ओर एक पहाड़ी के नीचे है। गांव तक सड़क की पहुंच नहीं है। एक पुराने सरकारी स्कूल के पास पीड़ित रामकृष्ण हेंब्रम व उसकी पत्नी रहते हैं। नवजात को जन्म देने वाली मां रीता तिरिया ने कहा कि नवजात का जन्म मृत अवस्था में हुआ था। इसके बाद उसके पति रामकृष्णा ने बच्चे को डिब्बे में भरकर टोटो से कराईकेला पहुंचे, फिर अपने गांव ले जाकर दफना दिया। पति ने साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग से वाहन की व्यवस्था के लिए कोई मांग नहीं की गई थी। यह भी कहा कि रास्ते में एक युवक ने वीडियो बनाया था औरर पूछा कि कोई एंबुलेंस नहीं मिली तो मैंने कहा कि कोई कुछ नहीं बोला तो चले आए। दूसरे दिन गाड़ी मांगी तो हम दोनों को भेज दिया।
शिशु की मौत के बाद परिजनों ने नहीं मांगी गाड़ी:कॉर्टन में रखकर नवजात का शव ले गए थे पिता, स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दिया आदेश
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