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भागलपुर नगर निगम में मेयर की कार्यशैली और भ्रष्टाचार को लेकर विवाद है। वार्ड संख्या-13 के पार्षद रंजीत मंडल ने पार्षदों के अधिकारों के हनन और नगर निगम में हो रही कथित मनमानी के विरोध में सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वे नगर निगम परिसर में ही धरने पर बैठ गए हैं।
पार्षद रंजीत मंडल का आरोप है कि नगर निगम में नियमों को दरकिनार कर कार्य कराए जा रहे हैं और निर्वाचित पार्षदों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि नगर निगम में विकास योजनाओं और ठेकों के आवंटन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्षद के अधिकारों की रक्षा की जाए मंडल ने आरोप लगाया कि नगर निगम में कई ठेके ऐसे लोगों को दिए जा रहे हैं, जिनकी पृष्ठभूमि संदिग्ध है। इससे न सिर्फ नगर निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है, बल्कि भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पार्षदों को अपने-अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए कई बार प्रयास करना पड़ता है, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता। पार्षद ने मांग की है कि नगर निगम प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और पार्षदों के अधिकारों की रक्षा करे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगा। धरना स्थल पर कुछ स्थानीय लोग और समर्थक भी मौजूद रहे, जिन्होंने पार्षद के आंदोलन का समर्थन किया। इस मुद्दे को लेकर नगर निगम के अंदर और बाहर चर्चा तेज हो गई है।
भागलपुर में मेयर के खिलाफ धरने पर पार्षद:अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की शुरू, अनियमितता पर जांच की उठाई मांग
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