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नवादा के अकबरपुर प्रखंड अंतर्गत बरेड गांव में छठ पूजा से पहले एक दंपती द्वारा की गई पहल इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। रांची (झारखंड) से अपने पैतृक गांव पहुंचे अशोक मिश्रा और उनकी पत्नी मंजू देवी ने छठ व्रत करने वाली करीब डेढ़ सौ महिलाओं के बीच पलटा का वितरण किया। छठ पूजा से ठीक पहले किए गए इस वितरण से व्रती महिलाओं को पूजा की तैयारी में काफी सहूलियत मिली। दंपती ने गांव में ही महिलाओं को बुलाकर बड़े पैमाने पर पलटा वितरित किया। इस पहल से गांव में धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला। घर-घर संपर्क कर महिलाओं को बुलाया अशोक मिश्रा और उनकी पत्नी मंजू देवी ने वितरण कार्यक्रम को लेकर गांव की महिलाओं से व्यक्तिगत रूप से संपर्क किया। उन्होंने घर-घर जाकर व्रत रखने वाली महिलाओं को कार्यक्रम की जानकारी दी और फिर गांव में एक जगह सभी को बुलाकर पलटा का वितरण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं और उन्होंने इस पहल की सराहना की। सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य अशोक मिश्रा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य लोगों के बीच सनातन धर्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि छठ पूजा हिंदू धर्म का सबसे बड़ा लोक आस्था का महापर्व है, जो सूर्य देव भगवान भास्कर की उपासना से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भगवान भास्कर ने हमें जो कुछ दिया है, उसका कुछ हिस्सा समाज को लौटाना भी हमारी जिम्मेदारी है। इसी भावना से हर वर्ष वे अपने पैतृक गांव आकर इस प्रकार का सेवा कार्य करते हैं। हर साल करते हैं सेवा कार्य अशोक मिश्रा ने बताया कि वे हर वर्ष छठ पूजा से पहले अपने पैतृक गांव बरेड पहुंचते हैं और व्रती महिलाओं के बीच पूजा सामग्री का वितरण करते हैं। उन्होंने कहा कि पूजा से पहले सामग्री उपलब्ध हो जाने से महिलाओं को तैयारी में आसानी होती है और वे बिना किसी परेशानी के व्रत और पूजा संपन्न कर पाती हैं। इस सेवा कार्य से उन्हें आत्मिक संतोष भी मिलता है। महिलाओं ने की पहल की सराहना गांव की सुमन देवी, सावित्री देवी सहित कई महिलाओं ने इस पहल की जमकर प्रशंसा की। महिलाओं ने कहा कि अशोक मिश्रा और मंजू देवी न केवल सामग्री वितरित करते हैं, बल्कि स्वयं गांव के लोगों से संपर्क कर सभी को इस आयोजन में शामिल करते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के प्रयास गांव में सकारात्मक माहौल बनाते हैं और छठ पूजा के उत्साह को और बढ़ा देते हैं। समाज में सहयोग की भावना को मिलता है बढ़ावा स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार के सामाजिक कार्यों से समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। ऐसे प्रयास न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि लोगों को एक-दूसरे की मदद करने के लिए भी प्रेरित करते हैं। गांव के लोगों ने कहा कि अगर समाज के सक्षम लोग इसी तरह आगे आकर जरूरतमंदों की मदद करें, तो सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना और भी मजबूत हो सकती है।
दंपती ने छठ से पहले 150 महिलाओं को पलटा बांटा:नवादा में घर-घर संपर्क कर महिलाओं को बुलाया, हर साल करते हैं सेवा कार्य
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