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पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाली गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक महिला और एक नाबालिग में है। पकड़े गए तीन लोगों में बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला नौशाद अली उर्फ लालू भी शामिल है। मथुरा से गिरफ्तार आरोपित महिला मीरा मुंबई पुलिस की मुखबिर बताई जा रही है, जबकि फरीदाबाद से पकड़ा गया नौशाद जासूसी नेटवर्क के पूर्व में गिरफ्तार मुख्य आरोपित सुहेल मलिक उर्फ रोमियो का राइट हैंड है। वहीं, नाबालिग दिल्ली कैंट स्टेशन पर सोलर बेस्ड कैमरा लगाने के लिए आरोपितों के साथ गया था। अभी तक इसमें गैंग के सरगना मेरठ के सुहेल सहित 22 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। तीनों ने बताया कि सुहेल ने ही हमें ग्रुप में जोड़ा था। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि यह रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के फोटो वीडियो व्हाट्सएस ग्रुपों में पाकिस्तान भेजते थे। एक फोटो के इनकों 4 से 6 हजार रुपए मिलते थे। नौशाद अली उर्फ लालू फरीदाबाद के गांव नचौली में एक साल पहले खुले पेट्रोल पंप पर तीन महीने से पंचर बनाने की दुकान चला रहा था। वो 2 साल पहले मुजफ्फरपुर से दिल्ली गया था। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे पूरी गैंग देश की संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचा रहे थे और कैसे पुलिस ने इन्हें पकड़ा…. पहले जानिए बिहार के नौशाद की कहानी 3 महीने पहले खोली थी पंचर की दुकान नौशाद बिहार के मुजफ्फरपुर थाना काटी क्षेत्र के अंतर्गत हरचंदा गांव का रहने वाला रहने वाला है। जानकारी के अनुसार करीब तीन महीने पहले ही गांव नचौली स्थित खुले एक पेंट्रोल पंप पर नौशाद ने पंचर बनाने की दुकान शुरू की थी। नौशाद करीब दो साल पहले पिता जलालुद्दीन से एक लाख रुपये लेकर दिल्ली में पंक्चर की दुकान खोलने गया था। नौशाद के रहन-सहन में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। 16 मार्च को हुई गिरफ्तारी 16 मार्च की शाम गाजियाबाद पुलिस सादे कपड़ों में लोकेशन ढूंढते हुए पहुंची थी। पुलिसकर्मियों ने पहले एक-एक कर पेट्रोल पंप कर्मियों से नाम और मूल निवास पूछे। इस दौरान नौशाद वहीं बगल में हाथ देकर एक तरफ खड़ा रहा, मगर पुलिसकर्मियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। पुलिस ने जब कर्मचारियों से नौशाद अली नामक शख्स के बारे में पूछा तो पता चला कि पंचर की दुकाने लगाने वाले शख्स का नाम नौशाद अली उर्फ लालू है। जिसके बाद पुलिस उसको पकड़ कर ले गई। पुलिस ने इस दौरान उसका मोबाइल भी अपने कब्जे में ले लिया। पूर्व मैनेजर ने खुलवाई थी दुकान पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने बताया कि बिहार के मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के रहनेवाले पूर्व मैनेजर रविन्द्र ने नौशाद की पंचर बनाने की दुकान खुलवाई थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि रविंदर ने मेवला महाराजपुर पेट्रोल पंप पर पंचर की दुकान करने वाले मुमताज से संपर्क किया। जिसके बाद मुमताज ने नौशाद को संपर्क कर कोलकाता से वापस बुला लिया और उसकी पंचर की दुकान गांव नचौली के पंप पर खुलवा दी। यंहा काम करने वाले संतोष नामक कर्मचारी ने बताया, ‘हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह पेट्रोल पंप फरीदाबाद के रहने वाले शिवशांत प्रसाद गुप्ता ने एक साल पहले खोला है। शुरू में लगा था कि पुलिस उसे किसी चोरी या झपटमारी जैसे मामले में पकड़कर ले गई है। इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। रविवार को जब पुलिस पहुंची तो बताया कि उसके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा है, यह जानकर उन्हें हैरत हुई।’ मुजफ्फरपुर में पिता ने खरीदी संपत्ति नौशाद की गिरफ्तारी के बाद पैतृक गांव हरचंदा ने में तरह-तरह की चर्चा है। ग्रामीणों के अनुसार नौशाद के पिता जलालुद्दीन दो शादी की है। नौशाद दूसरी पत्नी का बेटा है। जलालुद्दीन हाल के सालों में गांव में महंगी जमीन खरीदने और संपत्ति बनाने करने के कारण चर्चा में रहा। चर्चा यह भी है कि बेटे की कमाई से ही यह संपत्ति बनाई है। अब जानिए कैसे पाकिस्तान को भेजते थे जानकारी पाकिस्तानी एजेंट के संपर्क में था नौशाद गिरफ्तार मीरा और नौशाद पाकिस्तानी आका जोरा सिंह उर्फ सरदार से सीधे संपर्क में थे। पुलिस ने आरोपितों से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मीरा के मोबाइल में संवेदनशील इलाकों के बड़ी संख्या में फोटो और वीडियो मिले हैं, जबकि नाबालिग और नौशाद के मोबाइल डाटा को डिलीट कर दिया गया था। मीरा हथियारों की तस्करी करती है। एक साल पहले दिल्ली की स्पेशल सेल ने उसे आर्म्स की तस्करी में छह अन्य आरोपितों के साथ पकड़ा था। पूछताछ में पता चला कि सुहेल के संपर्क में नौशाद करीब दो साल पहले दुर्गेश के माध्यम से आया था। इसके बाद इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सुहेल के संपर्क में मीरा और इरम उर्फ महक आई। इसके बाद जासूसी नेटवर्क के गिरोह का संचालन सुहेल, नौशाद व समीर उर्फ शूटर करने लगे।
6 लोगों को 14 मार्च को पकड़ा कौशांबी थाना क्षेत्र से 6 लोगों को 14 मार्च को अरेस्ट किया। यह पुलिस रिमांड पर हैं। इनकी निशानदेही पर 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार किए लोगों में सुहेल मलिक उर्फ रोमियो निवासी थाना परतापुर मेरठ (मूल निवासी नरगढ़ी, जिला बिजनौर), इरम उर्फ महक निवासी ग्राम ज्ञानपुर, जिला संभल, प्रवीन पुत्र मिंटूराम निवासी भोवापुरम थाना कौशांबी गाजियाबाद, राज वाल्मीकि पुत्र अरविंद निवासी गांव भोवापुर गाजियाबाद, शिवा वाल्मीकि पुत्र रवि कुमार निवासी भोवापुर, रितिक गंगवार निवासी गाजीपुर सब्जी मंडी भोवापुर (मूल निवासी गांव सुल्तानपुर थाना कटरा, जिला शाहजहांपुर) शामिल है। पाकिस्तान में कैमरों का एक्सेस गाजियाबाद पुलिस की जांच में पता चला कि ये लोग रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकानों की फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजते थे और इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे। इस गैंग का देशभर में करीब 50 सोलर कैमरे लगाने का प्लान था। दिल्ली-हरियाणा के रेलवे स्टेशनों पर कैमरे लगा भी दिए थे। पुलिस ने दोनों स्थानों के कैमरे रिकवर करते हुए जांच शुरू कर दी है। इन कैमरों को फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा। दिल्ली और साेनीपत में लगाए गए कैमरों का एक्सेस पाकिस्तान में था। यानी इनके सीधी वीडियो पाकिस्तान में देखी जा रहीं थी। 450 से अधिक फोटो वीडियो पाकिस्तान भेजे गए रिमांड पर सुहेल और अन्य सभी आरोपियों ने बताया कि हम लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग पाकिस्तान में बैठे लोगों को भेजते थे। हर कैमरे की इंस्टॉलेशन पर 10 हजार रुपए से लेकर रुपए 15 हजार मिलते थे। दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर एक कैमरा इनस्टॉल किया है। 4 से 5 हजार रुपए भी अलग-अलग लोगों को मिले। हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास सोलर ऑपरेटेड दूसरा कैमरा लगाया। इसे गाजियाबाद पुलिस ने रिकवर कर लिया है। यूपी पुलिस, यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस व हरियाणा पुलिस भी पूछताछ कर चुकी हैं। जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया है सुहेल ने एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया था। इसमें वह लोगों को पाकिस्तान से जुड़े फोटो-वीडियो भेज रहे थे।
पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था बिहार का नौशाद!:फरीदाबाद से गिरफ्तार, पंचर दुकान की आड़ में खुफिया जानकारी भेज रहा था
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