![]()
किशनगंज जिले की ठाकुरगंज नगर पंचायत में पिछले आठ महीनों से पूर्णकालिक कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, जिससे विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने धरना शुरू कर दिया है। वे विभागीय स्तर पर तत्काल नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। पूर्व कार्यपालक अधिकारी के स्थानांतरण के बाद 15 अगस्त 2025 से यह पद रिक्त है। तब से प्रभारी व्यवस्था के तहत मनीषा कुमारी पौआखाली नगर पंचायत के अतिरिक्त प्रभार में हैं। वे ठाकुरगंज में सीमित दिनों के लिए ही उपलब्ध रहती हैं, जिससे कार्यों में बाधा आ रही है। साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही इस कारण नालों की सफाई, अशोक सम्राट भवन निर्माण, कचरा निष्पादन, नल-जल योजना, स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट और डंपिंग यार्ड जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। नगर क्षेत्र में साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने बताया कि विभाग की लगातार अनदेखी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। कई बार लिखित और मौखिक अनुरोध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने सभी पार्षदों के साथ मिलकर बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा को पत्र लिखकर अविलंब पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति की मांग की है। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाने की दी चेतावनी पटेल ने चेतावनी दी है कि यदि 23 मार्च 2026 तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर सामूहिक इस्तीफा भी दिया जा सकता है। इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य पार्षद के साथ वार्ड पार्षद अमित कुमार (वार्ड-10), बबलू कुमार (वार्ड-05), दिलीप सिंह (वार्ड-06), कंचन देवी (वार्ड-08), ललिता देवी (वार्ड-03), पुनम कुमारी (वार्ड-04) सहित अन्य सदस्य भी शामिल हैं। उनका कहना है कि प्रभारी व्यवस्था के कारण विकास कार्य सुचारु रूप से नहीं चल पा रहे हैं। ठाकुरगंज जैसे सीमावर्ती क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी पहले से ही चुनौती बनी हुई है। कार्यपालक पदाधिकारी की अनुपस्थिति ने स्थिति को और जटिल कर दिया है।
ठाकुरगंज नगर पंचायत के मुख्य पार्षद धरने पर बैठे:किशनगंज में फुल टाइम एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की अपॉइंटमेंट की मांग
Date:




