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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए 21 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर पूर्वोत्तर की राजनीति में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज करा दी है। अब तक मुख्य रूप से झारखंड केंद्रित राजनीति करने वाली पार्टी विस्तार करना चाह रही है। मजबाट, बिस्वनाथ, खुमताई, चाबुआ और गोसाईंगांव जैसी सीटों पर उम्मीदवार उतारकर झामुमो ने साफ संकेत दिया है कि वह केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि प्रभावी मुकाबले की तैयारी में है। आदिवासी और श्रमिक वर्ग पर विशेष फोकस उम्मीदवारों की सूची पर नजर डालें तो झामुमो ने आदिवासी और श्रमिक वर्ग पर विशेष फोकस किया है। प्रीति रेखा बारला, फेड्रिक्सन हांसदा, पीटर मिंज, साहिल मुंडा और प्रतापचिंग रंगफार जैसे नाम इस रणनीति को मजबूत करते हैं। पार्टी ने अधिकांश सीटों पर नए चेहरों को उतारकर स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने की कोशिश की है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि झामुमो जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, खासकर उन इलाकों में जहां आदिवासी आबादी निर्णायक भूमिका निभाती है। चाय बागान और औद्योगिक क्षेत्रों पर नजर झामुमो की सूची में डिगबोई, दुलियाजन, मार्घेरिटा, मकुम और डूमडूमा जैसे क्षेत्र शामिल हैं, जो चाय बागान और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाने जाते हैं। इन क्षेत्रों में श्रमिक और आदिवासी मतदाता बड़ी संख्या में हैं। पार्टी ने भारत नायक, जर्नल मिंज और मुना कर्माकर जैसे उम्मीदवारों को उतारकर इन वर्गों को साधने की कोशिश की है। यह रणनीति कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने का प्रयास भी मानी जा रही है। राजनीतिक चुनौती बड़ी, लेकिन संदेश स्पष्ट हालांकि असम में झामुमो का संगठनात्मक ढांचा अभी उतना मजबूत नहीं है, लेकिन 21 सीटों पर उम्मीदवार उतारना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश है। यह कदम बताता है कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब सवाल यह है कि क्या झामुमो इस चुनाव में वोट प्रतिशत और सीटों के रूप में प्रभाव छोड़ पाएगी या नहीं। लेकिन इतना तय है कि उसकी एंट्री ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। —————————————– इसे भी पढ़ें… अब असम विधानसभा चुनाव में भी जेएमएम:कांग्रेस से गठबंधन नहीं, सीट शेयरिंग में फंसी बात, 19 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी पार्टी
असम विधानसभा चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातचीत आखिरकार बेनतीजा रही। लंबे मंथन के बाद भी सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन सकी। कांग्रेस जहां सात सीटों से आगे बढ़ने को तैयार नहीं थी, वहीं झामुमो 20 सीटों पर दावा ठोक रहा था। ऐसे में पार्टी ने अब अकेले चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पार्टी 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी, जबकि एक सीट भाकपा माले के लिए छोड़ी गई है। नामांकन की अंतिम तिथि आज होने के कारण पार्टी ने तेजी से रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। पूरी खबर यहां पढ़ें..
असम विधानसभा चुनाव में JMM ने उतारे 21 उम्मीदवार:आदिवासी-श्रमिक वोट बैंक पर फोकस, चाय बागान-औद्योगिक क्षेत्रों में सेंध की तैयारी
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