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मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बुधवार को जिले के तीनों डिवीजन के कार्यपालक अभियंताओं के साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में जिलाधिकारी ने योजना के तहत हुए कार्यों, लाभार्थियों के चयन, सोलर रूफटॉप इंस्टॉलेशन की प्रगति और तकनीकी प्रक्रियाओं की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक शीघ्रता से पहुंचाया जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान योजना के संचालन तंत्र (ऑपरेटिंग मैकेनिज्म) पर भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आवेदन से लेकर स्वीकृति, इंस्टॉलेशन और सब्सिडी वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों को कोई कठिनाई न हो। डीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना, बिजली बिल में कमी लाना, ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण करना है। जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंताओं को कई निर्देश दिए। इनमें योजना के प्रति व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाना, लंबित आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना, गुणवत्तापूर्ण सोलर पैनल इंस्टॉलेशन पर विशेष ध्यान देना और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा कर अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराना शामिल है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि मधुबनी जिला इस योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी बन सके। अंत में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी का लाभ मिलता है। 1-2 kW पर ₹30,000 प्रति kW और 3 kW या अधिक पर ₹78,000 तक की सब्सिडी उपलब्ध है, जिससे बिजली बिल में बड़ी बचत हो सकती है।
DM ने सूर्य घर योजना की समीक्षा की:लाभार्थियों का चयन-इंस्टॉलेश प्रक्रिया का जायजा लिया, लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश दिए
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