Top 5 This Week

Related Posts

LPG किल्लत, छात्र पढ़ाई छोड़ गांव लौटने को मजबूर:घर पर खाना बनाना मुश्किल, किराए पर रहने वाले विद्यार्थी सबसे ज्यादा प्रभावित


झारखंड के कोडरमा जिले में एलपीजी की किल्लत का असर अब छात्रों पर भी पड़ रहा है। गैस की कमी के कारण लॉज में रहकर पढ़ाई करने वाले कई विद्यार्थी अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़कर घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। यह समस्या पिछले एक महीने से बनी हुई है। रसोई गैस सिलेंडर के ना मिलने से ऐसे छात्र घर पर खाना नहीं बना पा रहे हैं और बाहर ढाबा होटल में खाना महंगा हो गया है। ऐसी स्थिति में छात्र गांव जाने को विवश हो रहे हैं। खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण भारत के विभिन्न राज्यों में एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। झारखंड भी इससे अछूता नहीं है, जहां के कई जिलों में गैस की कमी साफ दिखाई दे रही है। कोडरमा में जहां पहले इस किल्लत का सामना घरेलू उपभोक्ताओं को करना पड़ रहा था, वहीं अब इसका सीधा असर दूसरे जिले से यहां आए छात्र-छात्राओं पर दिख रहा है। ऐसे छात्र गैस रिफिल करा खाना बनाते थे। पर अब गैस कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को भी रसोई गैस मिलना मुश्किल हो गया है। गैस न मिलने से उनकी दिनचर्या बाधित
लोग सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगा रहे हैं, लेकिन अधिकांश को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया शहर में विभिन्न लॉज में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र विशेष रूप से प्रभावित हैं। ये छात्र अपना खाना खुद बनाते हैं और कोचिंग संस्थानों में पढ़ने जाते हैं, लेकिन गैस न मिलने से उनकी दिनचर्या बाधित हो गई है। कोचिंग के छात्र दीपक यादव ने बताया कि पिछले एक महीने से गैस की किल्लत के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही है। उनके साथ लॉज में 10 साथी रहते थे, लेकिन गैस की कमी के चलते उनके 9 साथी पिछले 15-20 दिनों में अपने गांव लौट गए हैं। पढ़ाई छोड़कर घर लौटना पड़ेगा: छात्र
दीपक के पास अब केवल एक से दो दिन का गैस बचा है। उन्होंने बताया कि गैस खत्म होने के बाद उन्हें भी अपनी पढ़ाई छोड़कर घर लौटना पड़ेगा। इधर, जयनगर प्रखंड के हीरोडीह के रहने वाले आनंद यादव ने बताया कि वह पिछले 6 महीने से झुमरीतिलैया के लॉज में रहकर जनरल कंपटीशन की तैयारी कर रहे हैं। उन्हें इस बीच कभी किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई, लेकिन बीते एक माह से एलपीजी की कमी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। गैस नहीं मिलने के कारण उनके साथी घर को लौट रहे हैं और अब इन्हें भी मजबूरन अपने घर को लौटना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि पहले गैस खत्म होने पर वह मेस में जाकर आराम से 30 से 40 रुपए में खाना खा लेते थे। अब उसी थाली के इन्हें 60 से 70 रुपए तक चुकाने पड़ रहे हैं। आर्थिक स्थिति ठीक ना होने से शहर में रहकर खाने पर इतना खर्च कर पढ़ाई करना इनके लिए काफी मुश्किल हो गया है।

Spread the love

Popular Articles