
Jharkhand Cooperatives Skill Training 2026, रांची (मनोज सिंह): झारखंड के युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से, सहकारिता विभाग जल्द ही विभिन्न शॉर्ट टर्म और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है. इन पाठ्यक्रमों के सफल संचालन के लिए विभाग ने प्रारंभिक तैयारियां पूरी कर ली हैं और संस्थागत सहयोग के लिए आनंद (गुजरात) स्थित प्रतिष्ठित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) के साथ औपचारिक समझौता (MoU) करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है. विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम ने पहले ही झारखंड में उपलब्ध संसाधनों का विस्तृत आकलन कर प्रस्तावित पाठ्यक्रमों की रूपरेखा विभाग को सौंप दी है.
3 से 18 माह के विशेष कोर्स और डिग्री
प्रस्तावित शैक्षणिक कार्यक्रमों की अवधि न्यूनतम तीन महीने से लेकर अधिकतम अठारह महीने तक निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट और डिप्लोमा स्तर की डिग्रियां प्रदान की जाएंगी. विभाग की योजना के अनुसार, प्रत्येक पाठ्यक्रम में लगभग 60 सीटें होंगी, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके. इन कोर्सों में मार्केटिंग, बैंकिंग, वित्त (Finance), एचआर मैनेजमेंट, डेटा माइनिंग, ऑडिटिंग और एग्री-बिजनेस जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है, जो वर्तमान जॉब मार्केट की मांग के अनुरूप हैं.
खूंटी का फुदी केंद्र बनेगा तकनीकी शिक्षा का गंतव्य
इन सभी पाठ्यक्रमों का संचालन खूंटी जिले के फुदी स्थित सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र में किया जाएगा, जो लगभग 10 एकड़ के विशाल परिसर में फैला हुआ है. इस केंद्र में बुनियादी ढांचे का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें छात्रों के लिए 100 सीटों का और छात्राओं के लिए 20 सीटों का अलग-अलग छात्रावास उपलब्ध है. इसके अलावा, यहां चार आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, कॉन्फ्रेंस हॉल और फैकल्टी के लिए आवासीय सुविधाएं भी मौजूद हैं. परिसर में 535 सीटों वाले एक भव्य ऑडिटोरियम का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसके लिए भवन निर्माण निगम को राशि आवंटित की जा चुकी है.
स्थानीय युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य राकेश कुमार सिंह ने बताया कि, टीएसयू के अधिकारियों ने फुदी केंद्र के निरीक्षण के बाद एक उत्कृष्ट कोर्स डिजाइन तैयार किया है. विश्वविद्यालय से अंतिम मंजूरी मिलते ही राज्य सरकार के साथ औपचारिक समझौता कर लिया जाएगा. यह विभाग की ओर से अपनी तरह की पहली पहल है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के उन युवाओं को मिलेगा जो पेशेवर प्रशिक्षण के अभाव में रोजगार से वंचित रह जाते हैं. सामुदायिक सहकारिता विकास पर विशेष ध्यान देने से आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
Also Read: लातेहार DMO पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, नीलामी मामले में 28 लाख तुरंत चुकाने का आदेश
The post खूंटी बनेगा 'को-ऑपरेटिव एजुकेशन' का हब, स्मार्ट क्लास और हॉस्टल तैयार, एग्री-बिजनेस की मिलेगी ट्रेनिंग appeared first on Prabhat Khabar.

