धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित अंगारपथरा ओपी की कांटापहाड़ी बस्ती में शुक्रवार को खनन प्रभावित क्षेत्र में अचानक भू धंसान हो गया। इस घटना में एक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग बाहर निकल गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। भूधसान के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन जारी है, जिसके कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय बीसीसीएल अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद, प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आगे उग्र आंदोलन करेंगे।
धनबाद में फिर भू-धंसान, चपेट में आया एक घर:घटना के वक्त कोई नहीं था घर में, खनन प्रभावित कांटापहाड़ी बस्ती में हुआ हादसा
धनबाद जिले के बाघमारा थाना क्षेत्र स्थित अंगारपथरा ओपी की कांटापहाड़ी बस्ती में शुक्रवार को खनन प्रभावित क्षेत्र में अचानक भू धंसान हो गया। इस घटना में एक घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त घर में मौजूद लोग बाहर निकल गए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। भूधसान के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन जारी है, जिसके कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए समुचित पुनर्वास और सुरक्षा की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। स्थानीय बीसीसीएल अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का आश्वासन दिया। काफी देर तक चले हंगामे के बाद, प्रशासन के आश्वासन पर ग्रामीणों ने सड़क जाम हटा लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन पर रोक नहीं लगी और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आगे उग्र आंदोलन करेंगे।


