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जहानाबाद जिले में शादी-ब्याह के आयोजनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब वैवाहिक समारोहों के लिए वाणिज्यिक गैस का उपयोग अनिवार्य होगा। प्रशासन ने गैस आपूर्ति को लेकर यह सख्त कदम उठाया है। जिला पदाधिकारी अलंकृता पांडेय ने बताया कि अक्सर शादी समारोहों में घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जाता है, जो नियमों का उल्लंघन है। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए गैस की कमी और बैकलॉग की समस्या बढ़ जाती है। बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पश्चिम एशिया में तेल एवं प्राकृतिक गैस से जुड़ी संभावित आपूर्ति बाधाओं के मद्देनजर यह नई व्यवस्था लागू की है। नए निर्देशों के अनुसार, विवाह समारोह आयोजित करने वाले परिवारों को अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ विवाह कार्ड और कार्यक्रम से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य होगा। इसमें समारोह में शामिल होने वाले संभावित लोगों की संख्या और आवश्यक सिलेंडरों की संख्या भी बतानी होगी। इसके अतिरिक्त, रसोइया और कैटरर्स को भी वाणिज्यिक गैस के लिए अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा। संबंधित तेल कंपनियां इस निबंधन प्रक्रिया को 5 से 7 दिनों के भीतर पूरा करेंगी। अनुमंडल पदाधिकारी आवेदन के आधार पर मेहमानों की संख्या का आकलन करेंगे और उसी के अनुसार तेल कंपनियों को वाणिज्यिक गैस उपलब्ध कराने की अनुशंसा करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि उपलब्ध कराई गई गैस का उपयोग केवल वैवाहिक कार्यक्रम में ही हो। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे इन नियमों का पालन करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और किसी प्रकार की परेशानी न हो।


