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सदर अस्पताल में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए आयोजित दो दिवसीय विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का शनिवार को समापन हुआ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता हॉस्पिटल कोच्चि के संयुक्त प्रयास से यह शिविर लगाया गया था। िशविर में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की बड़ी संख्या में जांच की गई। शिविर के दौरान कुल 305 बच्चों का पंजीकरण हुआ और सभी की सफलतापूर्वक स्क्रीनिंग की गई। जांच में 101 बच्चों में गंभीर हृदय रोग की पुष्टि हुई। इन सभी बच्चों को सर्जरी की आवश्यकता बताई गई है। इन सभी बच्चों को बेहतर उपचार के लिए अमृता हॉस्पिटल को ले जाया जाएगा, जहां उनकी नि:शुल्क हार्ट सर्जरी की जाएगी। अमृता हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम में पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. आर कृष्ण कुमार, हार्ट सर्जन डॉ. ब्रजेश पीके, डॉ. निशांत और डॉ. अमित कुमार पांडेय ने बच्चों की विस्तृत जांच की और आवश्यक चिकित्सीय सलाह दी। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने शिविर के सफल आयोजन के लिए अमृता हॉस्पिटल की टीम का आभार जताया। कार्यक्रम में राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के परामर्शी मुकेश कुमार भी मौजूद रहे। इस पहल से राज्य के उन बच्चों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक अभाव के कारण महंगे हार्ट ऑपरेशन नहीं करा पाते। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर पहचान और सर्जरी से अधिकांश बच्चे पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इस तरह के विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर से जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान संभव हो पाती है, जिससे उनकी जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज और सर्जरी का बोझ उठाना पड़ता है।


