
Patna News : पटना नगर निगम अब बिजली कनेक्शन के डेटा को आधार बनाकर संपत्तियों का सर्वे और असेसमेंट करेगा. तेजी से फैलते शहर, सड़कों की नई श्रेणियों और सेल्फ असेसमेंट में दी गई जानकारी की बारीकी से जांच की जाएगी.
जिन लोगों ने जानबूझकर गलत विवरण दिया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है. शहर की 3 लाख से ज्यादा संपत्तियां अब रडार पर हैं और एक छोटी सी गलती आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है.
बिजली बिल बनेगा आपकी संपत्ति का एक्स-रे
पटना नगर निगम ने शहर के विस्तार और सड़कों की नई श्रेणियों को देखते हुए एक फैसला लिया है. अब नगर निगम क्षेत्र की सभी आवासीय और गैर-आवासीय संपत्तियों का मिलान बिजली कनेक्शन के डेटा से किया जाएगा.
लोग टैक्स बचाने के लिए अपनी प्रॉपर्टी का क्षेत्रफल कम बताते हैं या कमर्शियल इस्तेमाल को आवासीय घोषित कर देते हैं.अब बिजली बिल के आधार पर होने वाला यह डिजिटल सर्वे ऐसी हर चालाकी को पकड़ लेगा. जिन लोगों ने सेल्फ असेसमेंट में हेरफेर की है, उन पर निगम अब सख्त कानूनी और आर्थिक कार्रवाई की तैयारी में है.
सेल्फ असेसमेंट का ‘डेडलाइन अलर्ट’ और बंपर छूट
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संपत्ति कर जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. पटनावासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि अगर आप पहली तिमाही यानी 30 जून से पहले अपना टैक्स एकमुश्त जमा करते हैं, तो आपको कुल राशि पर 5% की सीधी छूट मिलेगी.
जुलाई से सितंबर के बीच कोई छूट नहीं मिलेगी और अक्टूबर का महीना शुरू होते ही आप ‘डिफॉल्टर’ की श्रेणी में आ जाएंगे. इसके बाद बकाया टैक्स पर हर महीने 1.5% की दर से मोटा ब्याज जोड़ना शुरू कर दिया जाएगा.
30 दिन की देरी और हजारों का जुर्माना
अगर आपने पटना नगर निगम क्षेत्र में कोई नई जमीन, फ्लैट या मकान खरीदा है, तो अब सुस्ती दिखाना महंगा पड़ सकता है. नए नियमों के मुताबिक, संपत्ति की रजिस्ट्री होने के महज 30 दिनों के भीतर उसका सेल्फ असेसमेंट कराना जरूरी है.
यदि आप इस समय सीमा को चूकते हैं, तो आवासीय संपत्ति के लिए 2,000 रुपये और कमर्शियल प्रॉपर्टी के लिए 5,000 रुपये का सीधा जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर आपने घर में नया निर्माण कराया है या घर को ऑफिस के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है, तो आपको दोबारा असेसमेंट फॉर्म भरना होगा. ऐसा न करने पर निगम 100% पेनल्टी के साथ टैक्स वसूली करेगा.
घर बैठे ऐसे पूरा करें अपना डिजिटल असेसमेंट
नगर निगम ने टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को अब पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है. संपत्ति कर निर्धारण के लिए https://pmc.bihar.gov.in/newptax/mobile.aspx पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन किया जा सकता है.
एक बार फॉर्म जमा होने के बाद आपको एक ‘एसएएस’ (SAS) नंबर मिलेगा, जिससे टैक्स भुगतान आसान हो जाएगा. इसके बाद निगम के अधिकारी आपके दावे का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे और सब कुछ सही पाए जाने पर आपका स्थायी पीआईडी (PID) नंबर जारी कर दिया जाएगा.
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