पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में गुरुवार सुबह बाइक पार्किंग को लेकर विवाद हो गया। गार्ड्स ने मरीजों और उनके परिजनों के साथ मारपीट की। दो लोगों का सिर फट गया, जबकि एक महिला के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। घटना इमरजेंसी वार्ड के पास पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब बिहटा के कंचनपुर निवासी विमल कुमार सुबह करीब 10:30 बजे अपनी बाइक इमरजेंसी के पास पार्क कर रहे थे। वहां मौजूद गार्ड्स ने उन्हें रोका, जिसके बाद कहासुनी हुई और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि कुछ ही देर में कई गार्ड्स ने विमल कुमार पर हमला कर दिया और उनकी पिटाई की। मारपीट इतनी गंभीर थी कि विमल का सिर फट गया और वह सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घायल विमल काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। इस दौरान भी गार्ड्स का आक्रामक रवैया बना रहा। घटना के समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। विरोध करने पर प्रेम कुमार को भी पीटा
घटना के दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों ने जब गार्ड्स का विरोध किया तो मामला और बिगड़ गया। पटना के भट्टाचार्य इलाके के रहने वाले प्रेम कुमार अपनी पत्नी का इलाज कराने PMCH पहुंचे थे। उन्होंने घायल विमल कुमार के साथ हो रही मारपीट का विरोध किया और बीच-बचाव की कोशिश की।
गार्ड्स ने प्रेम कुमार को भी नहीं बख्शा। उनके साथ भी जमकर मारपीट की गई, जिसमें उनका सिर फट गया। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। कई लोगों ने आरोप लगाया कि PMCH में आए दिन गार्ड मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
महिला के साथ धक्का-मुक्की
मारपीट के दौरान सोनपुर की रहने वाली संगीता कुमारी ने जब घायल लोगों को बचाने और विवाद शांत कराने की कोशिश की, तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। आरोप है कि कुछ गार्ड्स और वहां मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने संगीता के साथ धक्का-मुक्की की और मारपीट भी की।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा किया। लोगों का कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर अगर मरीज और उनके परिजन ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और गार्ड्स को रोकने की कोशिश नहीं की गई। पुलिस पर मारपीट के आरोप इधर घायल विमल ने पुलिस पर आरोप लगाए, उन्होंने कहा कि घटना के वक्त भी मौजूद पुलिस ने मारपीट की घटना को नहीं रोका, लेकिन जब घायल अवस्था में विमल (पीड़ित) PMCH के टीओपी पहुंचा, तो थाने में भी मारपीट की गई। विमल ने बताया जब कानून और न्याय का रक्षक ही पीड़ितों की बात नहीं सुनेगा, तो न्याय कौन करेगा?
कार्रवाई का भरोसा टाउन DSP-1 राजेश रंजन ने कहा कि पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी गार्ड्स और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
DSP ने कहा कि अस्पताल परिसर में इस तरह की हिंसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अब घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गई है।


