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पटना के बापू सभागार में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर एससी/एसटी मंत्रालय ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर समग्र शिक्षा समागम कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि पटना के गाईघाट क्षेत्र की 123 छात्राओं ने इंटरमीडिएट परीक्षा में शत-प्रतिशत प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है। इन प्रतिभाशाली बेटियों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेटियां शिक्षा के माध्यम से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने सपनों को साकार कर रही हैं। अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक- सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचार आज भी समाज को समतामूलक दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं। यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और अंबेडकर जी के शैक्षिक दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास है। समानता और शिक्षा से सशक्त समाज का निर्माण- विजय सिन्हा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, बाबासाहेब का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के माध्यम से सशक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी एक न्यायपूर्ण और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि “समग्र शिक्षा समागम” जैसे आयोजन शिक्षा के महत्व को समाज में व्यापक रूप से स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से शिक्षित, आत्मनिर्भर बिहार और सशक्त भारत के निर्माण की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे।

