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बाबा साहब की जयंती के पूर्व संध्या पर मशाल जुलूस:'बाबा तेरे सपनों को मंजिल तक पहुंचाएंगे' के लगाए नारे, कहा- संविधान पर हमला बर्दाश्त नहीं


समस्तीपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने देशव्यापी आह्वान के तहत सोमवार देर शाम शहर में मशाल जुलूस निकाला। शहर के बस स्टैंड से निकला यह मशाल जुलूस पटेल मैदान गोलंबर, कलेक्ट्रेट, डाकघर होते हुए अनुमंडल कार्यालय परिसर स्थिति अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर आकर समाप्त हुआ। यह “मशाल जुलूस” संविधान पर हमलों के खिलाफ युवाओं ने निकाला था। संविधान पर हमला बर्दाश्त नहीं मौके पर लोगों ने कहा कि संविधान पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान लोग बाबा तेरे सपनों को मंजिल तक पहुंचाएंगे, यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन लागू करो, बाबा साहब के विचारों पर हमले नहीं सहेंगे, भारतीय संविधान जिंदाबाद, बाबा साहब अमर रहें, संविधान की रक्षा के लिए आगे बढ़ो, लोकतंत्र और भाईचारे के हिफाजत करो जैसे गगनभेदी नारा लगा रहे थे। मौके पर जिला सचिव रौशन कुमार के नेतृत्व में सभा का आयोजन किया गया। संविधान को टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि यह दिन केवल फूल चढ़ाने और भाषण देने का नहीं, बल्कि उस महान संकल्प को दोहराने का दिन है, जो बाबा साहब ने इस देश के हर गरीब, दलित, अल्पसंख्यक, महिला, श्रमिक और शोषित के लिए लिया था। आज जब भाजपा-आरएसएस की जोड़ी संविधान को टुकड़े-टुकड़े करने पर आमादा है, उसकी आत्मा को रौंद रही है, तब चुप रहना गुनाह होगा और संघर्ष करना फर्ज़ है। मोदी सरकार हर दिन संविधान के एक-एक अनुच्छेद को मिटाने का षड्यंत्र रच रही है। फासीवादी हमला अब प्रतीकों पर नहीं, आत्मा पर है। वे चाहते हैं कि भारत अडानी – अंबानी का गुलाम बन जाए, एक सांप्रदायिक तानाशाही में बदल जाए। आरवाईए जिला प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि आज जब संविधान की प्रस्तावना से ‘पंथनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ शब्द मिटाने की साजिशें खुलकर चल रही हैं। मौके पर आरवाईए जिला कमिटी नवीन कुमार, राम सिंह, सौरव सतनाम, कुन्दन कुशवाहा, आयुष कुमार, मन्टू कुमार, पप्पू कुमार, दीनबंधु प्रसाद, जितेंद्र कुमार, मनोज कुमार सिंह मो. सगिर सहित दर्जनों नौजवान शामिल हुए।

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