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देवघर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंदिर के मंझला खंड में अब रुद्राभिषेक और संकल्प पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि इस खंड का आकार अपेक्षाकृत छोटा है, जबकि यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही थी। ऐसे में रुद्राभिषेक और संकल्प कराने के दौरान भारी भीड़ जमा हो जाती थी, जिससे आम भक्तों को जलाभिषेक करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार स्थिति इतनी विकट हो जाती थी कि लंबी कतारों के कारण श्रद्धालु बिना पूजा किए ही लौटने को मजबूर हो जाते थे। इन समस्याओं को दूर करने और मंदिर में सुचारु व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। बिना बाधा के जलाभिषेक कर सकेंगे श्रद्धालु मंदिर प्रशासन के इस निर्णय का पंडा समाज ने भी समर्थन किया है। मंदिर के सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा ने कहा कि यह फैसला श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने बताया कि पहले मंझला खंड में स्थानीय पंडा द्वारा रुद्राभिषेक और संकल्प कराया जाता था, जिससे सीमित जगह में अत्यधिक भीड़ जमा हो जाती थी। इससे न केवल आवाजाही बाधित होती थी, बल्कि मंदिर की व्यवस्था भी प्रभावित होती थी। ऐसे में यह निर्णय आवश्यक था, जिससे अब आम श्रद्धालु बिना किसी बाधा के जलाभिषेक कर सकेंगे। भीड़ का दबाव भी कम होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे मंदिर परिसर में अनुशासन और व्यवस्था बेहतर होगी। दोपहर बाद ही होगा रुद्राभिषेक नए निर्देशों के अनुसार अब रुद्राभिषेक और संकल्प दोपहर 12 बजे के बाद ही किए जाएंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य सुबह के समय आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमता से पूजा-अर्चना करने का अवसर देना है। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ का संतुलन बना रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। सरदार पंडा ने प्रशासन के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे। इस नई व्यवस्था से उम्मीद जताई जा रही है कि मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक की प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित हो सकेगी।

