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बेगूसराय में बदमाशों में रंगदारी और गोलीबारी के एक आरोपी को गोली मारकर घायल कर दिया है। जिसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। घायल की पहचान महेशवाड़ा गांव निवासी पिंकू सिंह के पुत्र अंकित कुमार (22) के तौर पर हुई है। घटनास्थल से एक खोखा मिला है। घटना नावकोठी थाना क्षेत्र की है। सोमवार सुबह करीब 3:00 बजे अंकित को गोली मारी गई थी। पुलिस को इसकी सूचना दोपहर बाद मिली। स्थानीय लोगों को भी इसका पता देर शाम चला। इसके बाद तरह-तरह की चर्चा चल रही है। एसपी मनीष के निर्देश पर बखरी डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
सिर में लगी बुलेट FSL की टीम ने भी घटनास्थल की जांच पड़ताल की है। बताया जा रहा है की अंकित पर अपने गांव महेशवाड़ा के ही दो वार्ड सदस्य सहित चार लोगों ने घर पर चढ़कर गोलीबारी करने और रंगदारी मांगने का आरोप है। इस मामले में जेल भी गया था। मार्च में जमानत पर बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक रात में अंकित अपने घर में सोया था। इसी दौरान करीब 3:00 बजे बदमाशों ने बाहर से खिड़की खोलकर गोली चला दी। जिसमें एक गोली उसके सिर में लग गई। परिजनों ने गांव के ही दो युवक सहित चार लोगों पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाया है। जान से मारने की धमकी मिली थी अंकित ने बताया है कि मिंटू खिड़की के रास्ते मेरे कमरे में घुस रहा था। आवाज सुनकर हल्ला मचाया। जिसके बाद उसने पिस्टल निकाल कर फायरिंग कर दी। बहुत दिन पहले उससे झगड़ा हुआ था। जेल से बाहर निकलने के बाद उससे कोई मतलब नहीं रखता था। गोली मारने वाला आरोपी सड़क पर लूटपाट सहित अन्य अपराध भी करता है। हमसे अभी कोई दुश्मनी नहीं था। मुखिया से विकास योजना का काम लेने को लेकर पहले विवाद हुआ था। जिसमें उसने केस भी किया था। जेल जाने से पहले उसने कहा था कि अभी जेल भेज रहे हैं। बाहर निकल कर आओगे तो गोली मार देंगे। हमको नहीं लगता था कि वह गोली चलाएगा, लेकिन जान मारने की नीयत से गोली चला दिया। बुलेट सिर में लगी, लेकिन अब लगता है कि जान बच गई। मारने वाला तीन-चार की संख्या में था, जिसमें दो को पहचानता हूं। पहले हम प्राइवेट नौकरी करते थे। जेल से निकलने के बाद खेती-किसानी करते हैं। बेटा घर पर ही रहता था घायल के पिता पिंकू सिंह ने बताया कि अंकित बीच वाले कमरे में सोता है। गर्मी के कारण खिड़की खोले हुए था। सुबह करीब 3:00 बजे जोरदार आवाज सुनकर हम पति-पत्नी दौड़े तो, अंकित एक बार बोला कि हमको मार दिया, फिर बेहोश हो गया। तीन-चार लोगों को हम घर के बगल से भागते हुए देखा। हमको यह अंदाजा नहीं था कि मेरे बेटे को ही गोली मारा होगा। हम उस समय पुलिस को सूचना नहीं दिए। उसको लेकर तुरंत प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में जब होश आया तो पुलिस को सूचना दिए। अंकित ने एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर 6-7 महीना प्राइवेट नौकरी किया। कुछ दिन के बाद गांव में ही रहने लगा। वह दुकान खोलना चाहता था, लेकिन गांव के कुछ लोगों की संगति में गड़बड़ा गया। हम बिजली विभाग में मानव बल का काम करते हैं, आज तक कभी किसी का नहीं बिगाड़े हैं। जेल से आने के बाद वह कहीं जाता नहीं था। घर पर ही रहता था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी वहीं, एसपी मनीष ने बताया कि सोमवार को नावकोठी थाना को सूचना मिली कि महेशवाड़ा वार्ड नंबर-2 में एक युवक को अपराधियों ने गोली मार दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि अंकित कुमार रात में घर में सो रहा था, सोए हालत में ही खिड़की खोलकर बदमाशों ने उसे गोली मारी है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर के बाएं साइड में गोली लगी है। घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम से जांच कराया गया है। बखरी डीएसपी के नेतृत्व में नावकोठी थाना की पुलिस वारदात में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।


