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सिटी रिपोर्टर | बोकारो आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर चास प्रखंड कार्यालय में सोमवार से प्रगणकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया। इस प्रशिक्षण में प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं भाग ले रहे हैं, जिन्हें जनगणना के दौरान घर-घर जाकर आंकड़े संकलित करने की प्रक्रिया से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र में अधिकारियों द्वारा प्रगणकों को जनगणना फॉर्म भरने, मोबाइल ऐप के उपयोग, परिवार के सदस्यों की सही जानकारी दर्ज करने और गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए आंकड़ों को सावधानीपूर्वक दर्ज करना आवश्यक है। प्रखंड प्रशासन ने बताया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सही जानकारी दर्ज होना बेहद जरूरी है। इसके लिए शिक्षकों की भूमिका अहम मानी जाती है, क्योंकि वे समाज के प्रति जागरूक और जिम्मेदार होते हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों की शंकाओं का समाधान भी किया गया और उन्हें व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रक्रिया समझाई गई। चंदनकियारी | चंदनकियारी स्थित प्रखंड सभागार में भारत की जनगणना 2027 को लेकर प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार से किया गया। उद्घाटन बीडीओ अजय कुमार वर्मा व प्रमुख निवारण सिंह चौधरी ने किया। मौके पर बीडीओ ने बताया कि हाउस लिस्टिंग का कार्य आगामी 1 मई से 15 मई तक किया जाएगा। इसके अलावा 16 मई से 14 जून तक आम लोग मोबाइल ऐप एचएलओ पोर्टल के माध्यम से स्वयं भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रगणकों द्वारा उसका सत्यापन किया जाएगा। फरवरी 2027 से जनगणना कार्य शुरू होने की बात कही। उन्होंने डिजिटल जनगणना को सफल बनाने के लिए अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। ताकि लोग ऐप के माध्यम से आसानी से अपनी जानकारी भर सके और अधिकाधिक डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी योजना के क्रियान्वयन एवं चुनाव प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण कार्य के लिए एक महत्वपूर्ण आधार होती है। इसलिए सभी कर्मियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्धारित समय पर कार्य पूरा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि डबल एंट्री से बचना सुनिश्चित करें। इस बार यह सिर्फ आबादी गिनने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों के डिजिटल और सामाजिक जीवन की विस्तृत तस्वीर भी सामने लाएगी। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग की अधिसूचना के अनुसार, राज्य में मकान सूचीकरण और हाउसिंग सर्वे का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक चलेगा। इस बार की सबसे बड़ी खासियत डिजिटल जनगणना और सेल्फ-इन्यूमरेशन का विकल्प है। यानी अब नागरिक चाहें तो सरकारी कर्मचारी के आने का इंतजार किए बिना खुद ही ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी पूरी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए 1 मई से 15 मई 2026 तक की समय-सीमा तय की गई है। अगर कोई यह विकल्प नहीं चुनता है, तो 16 मई से प्रगणक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। सरकार की नजर इस बार सिर्फ परिवार के सदस्यों की संख्या पर नहीं, बल्कि उनके जीवन स्तर, सुविधाओं और डिजिटल पहुंच पर भी है। प्रगणक जब घर पहुंचेंगे तो उनके पास 34 बिंदुओं वाला फॉर्म होगा, जिसमें घर की संरचना से लेकर इंटरनेट और स्मार्टफोन तक की जानकारी दर्ज की जाएगी। फर्श, दीवार व छत से यह आंका जाएगा कि घर किस श्रेणी का है जनगणना के दौरान प्रगणक आपके घर की पूरी प्रोफाइल तैयार करेंगे। इसमें फर्श, दीवार और छत की स्थिति से यह आंका जाएगा कि आपका मकान किस श्रेणी का है। साथ ही पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता, रसोई और ईंधन (एलपीजी, बिजली या सौर) जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा मोबाइल, स्मार्ट फोन, टीवी, इंटरनेट और कंप्यूटर जैसी डिजिटल सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। यह जनगणना भविष्य की योजनाओं की रीढ़ साबित होगी। इससे यह पता चलेगा कि कितने घरों में अब भी स्वच्छ ईंधन या शौचालय नहीं है, जिससे योजनाओं को दोबारा डिजाइन किया जा सके।
