भास्कर इनसाइट बोकारो एसपी ऑफिस के अकाउंट सेक्शन में तैनात एएसआई अशोक कुमार भंडारी ने गबन के पैसों से आलीशान मकान खड़ा कर दिया। उसने बोकारो के तेलीडीह इलाके में करीब 4.08 डिसमिल जमीन पर तीन मंजिला आलीशान मकान बनाया। वहीं 4.98 डिसमिल का एक कीमती प्लॉट भी खरीदा। एसआईटी को छापेमारी के दौरान गुरुवार को भंडारी के बोकारो स्थित आवास से इन संपत्तियों के कागजात मिले। इसे जब्त कर लिया गया है। वहीं कौशल पांडेय के सहयोगी काजल मंडल को भी एसआईटी ने हिरासत में लिया है। पूछताछ के लिए उसे रांची ले जाया गया है। एसआईटी के अधिकारियों के मुताबिक यह संपत्ति उसकी वैध आय से कहीं अधिक की है। इससे साफ संकेत मिलता है कि जमीन में निवेश कर उसने गबन की राशि को सफेद बनाने की कोशिश की। कई अन्य खाते, संपत्ति और संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला है, जिसकी जांच जारी है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने घोटाले की रकम को सीधे खर्च नहीं किया, बल्कि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर उसे सुरक्षित रखा। एसआईटी को बोकारो में अब तक करीब 10 करोड़ रुपए के घोटाले का पता चला है। इसमें से आरोपियों के खातों में जमा करीब 1.80 करोड़ रुपए को फ्रीज करा दिया है। -शेष पेज 9 पर ऑडिट से पहले एजी ऑफिस क्यों मांग रहा है कागजात पूर्व में राज्य सरकार द्वारा कई मामले में स्पेशल ऑडिट शुरू हो जाने पर ऑडिट टीम को कागजात ही नहीं मिले हैं। इसलिए एजी ऑफिस इस बार पहले ही इस मामले में तैयार कागजात की मांग गृह विभाग से कर रहा है।
बार-बार ओटीपी बताने के झंझट से बचने के लिए लेखापाल को मोबाइल दे देते थे डीडीओ जांच में पता चला है कि बार-बार ओटीपी बताने के झंझट से बचने के लिए डीडीओ अपना मोबाइल लेखापाल को दे देते थे। इससे पीठ पीछे यह खेल चलता रहा। लेखापाल ने रिटायर्ड पुलिसकर्मी की जन्मतिथि में छेड़छाड़ कर दो से चार साल तक उम्र घटा दिया। जन्मतिथि बदलने से मास्टर लॉगइन में वह कर्मचारी कार्यरत दिखा और उसका वेतन बनता गया। उसमें जो खाता नंबर दिया गया, वह लेखापाल के रिश्तेदार और सहयोगी के थे। इसलिए पैसे उनके खाते में आते रहे। इससे एक रिटायर्ड कर्मी अपने मूल दस्तावेज के आधार पर पेंशन लेता रहा और उनके नाम पर वेतन भी बनता रहा। जल्द शुरू होगा स्पेशल ऑडिट, पीएजी ने गृह विभाग से मांगे संबंधित दस्तावेज पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची ट्रेजरी घोटाले को लेकर अब हजारीबाग व बोकारो एसपी ऑफिस और उससे जुड़े सभी कार्यालयों का स्पेशल ऑडिट जल्द शुरू होगा। पीएजी (ऑडिट) इंदु अग्रवाल ने अपर मुख्य सचिव (गृह) वंदना दादेल से इस मामले में अब तक तैयार कागजात उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद एजी ऑफिस की ओर से एक विधिवत पत्र राज्य गृह विभाग को भेज रहा है। मालूम हो कि इस घोटाले को लेकर 17 अप्रैल को वित्त सचिव ने अपर मुख्य सचिव (गृह) को स्पेशल ऑडिट कराने के लिए पत्र भेजा था। इसमें कहा था कि सरकार को हुए आर्थिक क्षति को देखते हुए स्पेशल ऑडिट जरूरी है। -शेष पेज 9 पर अशोक कुमार भंडारी के घर छापे बोकारो से कौशल पांडेय का एक सहयोगी हिरासत में


