सीवान के आंदर ढाला के पास हुए चर्चित रोड रेज गोलीकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को पुलिस ने रविवार की सुबह 4 बजे मुठभेड़ में मार गिराया है। मृतक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया गांव निवासी गरजु यादव के बेटे सोनू यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रोड रेज के बाद पुलिस ने शुरू की थी ताबड़तोड़ कार्रवाई 29 अप्रैल को हुए रोड रेज गोलीकांड के बाद सीवान पुलिस अलर्ट मोड में आ गई थी। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। घटना के महज 10 घंटे के भीतर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे काबू किया था। दूसरा आरोपी भी पकड़ा गया, वाहन बरामद पुलिस ने शनिवार को ही दूसरे आरोपी सुनील कुमार को जामो थाना क्षेत्र के लद्दी गांव के पास वाहन जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद किया गया। लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ था कि पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी थी। गुप्त सूचना पर घेराबंदी, फिर मुठभेड़ शनिवार देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सोनू यादव बड़हरिया थाना क्षेत्र की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के अनुसार, घिरता देख सोनू यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सोनू यादव को गोली लग गई और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल सोनू यादव को तुरंत कब्जे में लेकर सीवान सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि सोनू यादव को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा था। कई संगीन मामलों में वांछित था सोनू यादव पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू यादव पर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, जिससे उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। एसपी ने बताया- आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई सीवान एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि पुलिस को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पहले पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया मृतक की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है, जो 29 अप्रैल की गोलीबारी का मुख्य आरोपी था। इलाके में फैली सनसनी, पुलिस सतर्क इस मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में गश्त बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। मामले का मुख्य किरदार खत्म, जांच जारी हालांकि मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद मामले में एक अहम कड़ी खत्म हो गई है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
सीवान रोडरेज: मुख्य आरोपी सोनू यादव मुठभेड़ में ढेर:25 हजार का इनामी था, एसपी ने बताया- आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई
सीवान के आंदर ढाला के पास हुए चर्चित रोड रेज गोलीकांड के मुख्य आरोपी सोनू यादव को पुलिस ने रविवार की सुबह 4 बजे मुठभेड़ में मार गिराया है। मृतक की पहचान हुसैनगंज थाना क्षेत्र के सरेया गांव निवासी गरजु यादव के बेटे सोनू यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रोड रेज के बाद पुलिस ने शुरू की थी ताबड़तोड़ कार्रवाई 29 अप्रैल को हुए रोड रेज गोलीकांड के बाद सीवान पुलिस अलर्ट मोड में आ गई थी। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। घटना के महज 10 घंटे के भीतर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मारकर उसे काबू किया था। दूसरा आरोपी भी पकड़ा गया, वाहन बरामद पुलिस ने शनिवार को ही दूसरे आरोपी सुनील कुमार को जामो थाना क्षेत्र के लद्दी गांव के पास वाहन जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद किया गया। लगातार हो रही कार्रवाई से यह साफ था कि पुलिस मुख्य आरोपी तक पहुंचने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी थी। गुप्त सूचना पर घेराबंदी, फिर मुठभेड़ शनिवार देर रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी सोनू यादव बड़हरिया थाना क्षेत्र की ओर भाग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस के अनुसार, घिरता देख सोनू यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सोनू यादव को गोली लग गई और वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घायल सोनू यादव को तुरंत कब्जे में लेकर सीवान सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली, क्योंकि सोनू यादव को इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी माना जा रहा था। कई संगीन मामलों में वांछित था सोनू यादव पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सोनू यादव पर हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था, जिससे उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। एसपी ने बताया- आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई सीवान एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि पुलिस को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि आरोपी ने पहले पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया मृतक की पहचान सोनू यादव के रूप में हुई है, जो 29 अप्रैल की गोलीबारी का मुख्य आरोपी था। इलाके में फैली सनसनी, पुलिस सतर्क इस मुठभेड़ के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन इलाके में गश्त बढ़ा दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। मामले का मुख्य किरदार खत्म, जांच जारी हालांकि मुख्य आरोपी के मारे जाने के बाद मामले में एक अहम कड़ी खत्म हो गई है, लेकिन पुलिस अन्य पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


