बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी को अपेंडिक्स ऑपरेशन कहकर भ्रूण जांच करवाया। लड़की का पता चलने पर पत्नी को चप्पल-जूते से मारा। यहां तक कि कोठे पर बैठाने की भी धमकी दी गई। दोनों की शादी 13 दिसंबर 2021 को हुई थी। यह मामला वैशाली के जंदाहा थाने का है। महिला आयोग में आवेदन पीड़िता के मां की ओर से दिया गया है। पति के निधन के बाद जमीन बेचकर की थी शादी पीड़िता की मां आवेदिका ने कहा, मेरे पति का निधन 2017 में हुआ था। मैंने अपनी बेटी की शादी के समय 10 लाख रुपए खर्च किए, जिसे मैंने जमीन बेचकर जुटाई थी। शादी के कुछ समय बाद ही मेरी बेटी के ससुराल वाले लगातार अतिरिक्त 5 लाख रुपए दहेज की मांग करते थे। मेरी बेटी के साथ लगातार मारपीट होती थी और उसे मायके भेज दिया जाता था। कुछ दिन बाद मेरे दामाद ने माफी मांगकर मेरी बेटी को फिर से वापस ससुराल ले गए। उस समय मेरी बेटी गर्भवती थी। अपेंडिक्स ऑपरेशन के बहाने भ्रूण जांच करवाई गई आवेदिका ने आगे कहा कि जब मेरी बेटी 4 महीने की गर्भवती थी और उसका अपेंडिक्स ऑपरेशन हुआ था, तो जांच के बहाने मेरी बेटी के भ्रूण लिंग जांच करवाई गई। जब मेरे दामाद को यह पता चला कि गर्भ में लड़की है तो मेरी बेटी पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया जाने लगा। उसने यह कहा कि एक और बेटी नहीं चाहिए, लड़की की शादी कौन कराएगा। दरअसल इससे पहले मेरे दामाद के बड़े भाई की बेटी थी और अब वह दूसरी बेटी घर में नहीं चाहते थे। दलसिंहराय न्यायालय में बेटी ने केस किया दर्ज अपने ऊपर हो रहे प्रताड़ना से किसी तरह बचकर मेरी बेटी थाना पहुंची, परंतु वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। सिर्फ समझौता करने की सलाह देकर लौटा दिया गया। फिर मेरी बेटी द्वारा 2024 में दलसिंहराय न्यायालय में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मारपीट और भ्रूण जांच से संबंधित मामला दर्ज कराया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार 13 अक्टूबर 2025 को मेरी बेटी फिर से ससुराल गई लेकिन उसके साथ फिर मारपीट की गई। गले में गमछा डालकर फांसी लगाने की कोशिश की गई 12 जनवरी 2026 को कोर्ट में तारीख होने के बावजूद मेरी बेटी को जबरन कोर्ट जाने से रोका गया और उसके साथ जूते चप्पल से मारपीट की गई। उसके गले में गमछा डालकर फांसी लगाने का प्रयास किया गया। फिर मेरी बेटी ने 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई, लेकिन पुलिस ने कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। हमने थाने में FIR कराने की कोशिश की, थाने में एसपी मौजूद होने के बावजूद हमें उनसे नहीं मिलने दिया गया। मेरा दामाद स्थानीय विधायक का उपयोग कर पुलिस पर दबाव बनाता है, जिसके कारण हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है। पति ने पत्नी को कोठे पर बैठाने की धमकी दी दूसरी और बेटी का कहना है कि मेरे पति द्वारा मुझे काफी प्रताड़ित किया जाता है। मेरे पति द्वारा मुझे लगातार गंदी गालियां दी जाती है और यहां तक यह भी कहा जाता है कि मुझे कोठे पर बैठा देंगे। अभी मेरी 2 साल की एक बेटी है। मैं अपनी बेटी की खातिर अपने पति के साथ रहना चाहती हूं ताकि उसकी परवरिश अच्छे से हो सके। मेरी बस यही शर्त है कि मेरे पति कोई मारपीट ना करें। दूसरी और लड़के का कहना है कि वह अपने पत्नी और बच्चे को साथ रखना चाहता है लेकिन उसके मायके वालों के दखल-अंदाजी के कारण उसका परिवार बिखर रहा है। अगली सुनवाई में पति-पत्नी को सबूत लाने को कहा गया बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा कि आवेदिका का कहना है कि उसकी बेटी का भ्रूण जांच करवाया गया। लड़की का पता चलने पर बेटी के साथ मारपीट की गई। भ्रूण जांच वाली बात पर हमने उनसे सबूत मांगा है, ताकि उस पर कार्रवाई की जा सके। दोनों पति-पत्नी से अगली सुनवाई में सबूत लाने को कहा गया है। हालांकि, आयोग यही चाहेगा कि दोनों का घर बस जाए।
अपेंडिक्स ऑपरेशन का कहकर पत्नी की भ्रूण जांच कराई:बेटी का पता चलने पर बीवी को चप्पल-जूते से मारा, कोठे पर बिठाने की दी धमकी
बिहार राज्य महिला आयोग में एक मामला सामने आया है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी को अपेंडिक्स ऑपरेशन कहकर भ्रूण जांच करवाया। लड़की का पता चलने पर पत्नी को चप्पल-जूते से मारा। यहां तक कि कोठे पर बैठाने की भी धमकी दी गई। दोनों की शादी 13 दिसंबर 2021 को हुई थी। यह मामला वैशाली के जंदाहा थाने का है। महिला आयोग में आवेदन पीड़िता के मां की ओर से दिया गया है। पति के निधन के बाद जमीन बेचकर की थी शादी पीड़िता की मां आवेदिका ने कहा, मेरे पति का निधन 2017 में हुआ था। मैंने अपनी बेटी की शादी के समय 10 लाख रुपए खर्च किए, जिसे मैंने जमीन बेचकर जुटाई थी। शादी के कुछ समय बाद ही मेरी बेटी के ससुराल वाले लगातार अतिरिक्त 5 लाख रुपए दहेज की मांग करते थे। मेरी बेटी के साथ लगातार मारपीट होती थी और उसे मायके भेज दिया जाता था। कुछ दिन बाद मेरे दामाद ने माफी मांगकर मेरी बेटी को फिर से वापस ससुराल ले गए। उस समय मेरी बेटी गर्भवती थी। अपेंडिक्स ऑपरेशन के बहाने भ्रूण जांच करवाई गई आवेदिका ने आगे कहा कि जब मेरी बेटी 4 महीने की गर्भवती थी और उसका अपेंडिक्स ऑपरेशन हुआ था, तो जांच के बहाने मेरी बेटी के भ्रूण लिंग जांच करवाई गई। जब मेरे दामाद को यह पता चला कि गर्भ में लड़की है तो मेरी बेटी पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया जाने लगा। उसने यह कहा कि एक और बेटी नहीं चाहिए, लड़की की शादी कौन कराएगा। दरअसल इससे पहले मेरे दामाद के बड़े भाई की बेटी थी और अब वह दूसरी बेटी घर में नहीं चाहते थे। दलसिंहराय न्यायालय में बेटी ने केस किया दर्ज अपने ऊपर हो रहे प्रताड़ना से किसी तरह बचकर मेरी बेटी थाना पहुंची, परंतु वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। सिर्फ समझौता करने की सलाह देकर लौटा दिया गया। फिर मेरी बेटी द्वारा 2024 में दलसिंहराय न्यायालय में घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, मारपीट और भ्रूण जांच से संबंधित मामला दर्ज कराया गया। कोर्ट के आदेश के अनुसार 13 अक्टूबर 2025 को मेरी बेटी फिर से ससुराल गई लेकिन उसके साथ फिर मारपीट की गई। गले में गमछा डालकर फांसी लगाने की कोशिश की गई 12 जनवरी 2026 को कोर्ट में तारीख होने के बावजूद मेरी बेटी को जबरन कोर्ट जाने से रोका गया और उसके साथ जूते चप्पल से मारपीट की गई। उसके गले में गमछा डालकर फांसी लगाने का प्रयास किया गया। फिर मेरी बेटी ने 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई, लेकिन पुलिस ने कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की। हमने थाने में FIR कराने की कोशिश की, थाने में एसपी मौजूद होने के बावजूद हमें उनसे नहीं मिलने दिया गया। मेरा दामाद स्थानीय विधायक का उपयोग कर पुलिस पर दबाव बनाता है, जिसके कारण हमें न्याय नहीं मिल पा रहा है। पति ने पत्नी को कोठे पर बैठाने की धमकी दी दूसरी और बेटी का कहना है कि मेरे पति द्वारा मुझे काफी प्रताड़ित किया जाता है। मेरे पति द्वारा मुझे लगातार गंदी गालियां दी जाती है और यहां तक यह भी कहा जाता है कि मुझे कोठे पर बैठा देंगे। अभी मेरी 2 साल की एक बेटी है। मैं अपनी बेटी की खातिर अपने पति के साथ रहना चाहती हूं ताकि उसकी परवरिश अच्छे से हो सके। मेरी बस यही शर्त है कि मेरे पति कोई मारपीट ना करें। दूसरी और लड़के का कहना है कि वह अपने पत्नी और बच्चे को साथ रखना चाहता है लेकिन उसके मायके वालों के दखल-अंदाजी के कारण उसका परिवार बिखर रहा है। अगली सुनवाई में पति-पत्नी को सबूत लाने को कहा गया बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने कहा कि आवेदिका का कहना है कि उसकी बेटी का भ्रूण जांच करवाया गया। लड़की का पता चलने पर बेटी के साथ मारपीट की गई। भ्रूण जांच वाली बात पर हमने उनसे सबूत मांगा है, ताकि उस पर कार्रवाई की जा सके। दोनों पति-पत्नी से अगली सुनवाई में सबूत लाने को कहा गया है। हालांकि, आयोग यही चाहेगा कि दोनों का घर बस जाए।


