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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी अब बिहार में सरकार को नया स्वरूप देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर आज पटना में हलचल तेज है। 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पटना पहुंच रहे हैं। उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन मंच साझा करेंगे। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं, वे भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। इनके अलावा, भाजपा शासित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी इस भव्य समारोह का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया है। हाई-प्रोफाइल बैठक में चेहरों पर लगेगी अंतिम मुहर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आज शाम पटना पहुंच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, आज रात अमित शाह और नितिन नवीन के साथ होने वाली हाई-प्रोफाइल बैठक में मंत्रियों की सूची फाइनल कर दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस नई कैबिनेट में क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ जातीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया जा सके। भाजपा और जदयू के बीच मंत्रियों की संख्या को लेकर भी आम सहमति बन चुकी है। NDA के 27 मंत्री ले सकते हैं शपथ जानकारी के अनुसार, इस विस्तार में करीब 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं। इनमें भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास) और हम दल के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। संभावित फॉर्मूले के तहत भाजपा से लगभग 12, जदयू से 11, लोजपा (रामविलास) से 2 और हम से 1-1 मंत्री बनाए जा सकते हैं। हालांकि, भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कुछ सीटें खाली भी रखी जा सकती हैं। बिहार में कुल मिलाकर मुख्यमंत्री सहित 36 मंत्रियों की नियुक्ति की संवैधानिक सीमा है। पहले साधारण, अब भव्य आयोजन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 अप्रैल को राजभवन में सादगीपूर्ण तरीके से शपथ ली थी। उस समय भाजपा ने कोई बड़ा आयोजन नहीं किया था, लेकिन अब पश्चिम बंगाल में मिली बड़ी जीत के बाद पार्टी इस कैबिनेट विस्तार को भव्य रूप देने में जुटी है।
यह कार्यक्रम सिर्फ प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। अनुमान है कि इस समारोह में करीब 2 लाख लोगों की भागीदारी हो सकती है। पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव-गांव से लाने की तैयारी चल रही है।


