तेजस्वी यादव अपने बेटे इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन पर गाजियाबाद में बड़ा सियासी जलसा करने वाले हैं। इसकी तैयारी जोर-शोर से चालू है। इसमें 10 विपक्षी पार्टियों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। तेजस्वी यादव के इस जलसे का मायने क्या है। जानिए भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में… तेजस्वी के डिनर पॉलिटिक्स के 2 बड़े मायने… 1. गाजियाबाद से राष्ट्रीय लामबंदी की कोशिश तेजस्वी यादव 27 मई को दिल्ली के पास गाजियाबाद में अपनी बहन रागिनी यादव के आवास पर अपने बेटे इराज लालू यादव का पहला जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। वैसे तो यह पूरी तरह एक पारिवारिक और निजी कार्यक्रम है, लेकिन सियासी हलकों में चर्चा आम है कि ‘बिग एग्रीमेंट्स हैपेन्स एट द डिनर टेबल’ (बड़े समझौते अक्सर डिनर टेबल पर ही तय होते हैं)। 2. महागठबंधन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती भले ही विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों ने तेजस्वी यादव को ही मुख्यमंत्री का चेहरा स्वीकार किया था, लेकिन धरातल पर गठबंधन की गांठें बेहद कमजोर साबित हुईं। चुनाव के दौरान कई विधानसभा सीटों पर महागठबंधन की सहयोगी पार्टियां ही आमने-सामने टकराती और आपस में लड़ती दिखीं। मुकेश सहनी की VIP और आईपी गुप्ता की IIP को साथ जोड़ने के बाद भी जमीनी स्तर पर तालमेल की भारी कमी साफ नजर आई। बिहार के लिए तेजस्वी का मास्टर प्लान 1. कार्यकर्ताओं की ‘CR’ रिपोर्ट और आंतरिक सफाई RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव ने सबसे पहला और कड़ा प्रहार अपनी ही पार्टी के भीतर किया है। वे अब हर जिले के सक्रिय कार्यकर्ताओं का CR (कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट यानी चरित्र पंजिका) खंगाल रहे हैं। 2. ‘MY’ से आगे ‘BAAP’ और ‘EBC’ पर फोकस 3. महिला वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश नीतीश कुमार के सबसे मजबूत और वफादार कोर महिला वोट बैंक में दरार लगाने के लिए RJD ने अपनी रणनीति के तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उर्मिला ठाकुर और मुन्नी रजक जैसी महिला नेताओं को फ्रंट फुट पर आगे किया है। पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और कार्यक्रमों के जरिए उनके अंदर पैठ बनाना चाहती है। पार्टी का फोकस महिलाओं पर ज्यादा है। एक बार फिर पार्टी नए सिरे से महिलाओं को लेकर प्लान बनाने में जुटी है। 4. युवा, रोजगार और नए राजनीतिक चैलेंजेस दिल्ली से नहीं, जनता के बीच बैठने से सुधरेगा आचरण इस पूरे मास्टर प्लान और तेजस्वी की रणनीति पर सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी कहते हैं- ‘तेजस्वी की राजनीति के कथनी और करनी में एक बड़ा अंतर्विरोध है।’
गाजियाबाद में लालू-तेजस्वी क्यों दे रहे भोज:राहुल गांधी, अखिलेश, ममता को निमंत्रण, 10 पार्टी के नेताओं को डिनर पर बुलाने के पीछे की कहानी
तेजस्वी यादव अपने बेटे इराज लालू यादव के पहले जन्मदिन पर गाजियाबाद में बड़ा सियासी जलसा करने वाले हैं। इसकी तैयारी जोर-शोर से चालू है। इसमें 10 विपक्षी पार्टियों के बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। तेजस्वी यादव के इस जलसे का मायने क्या है। जानिए भास्कर की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में… तेजस्वी के डिनर पॉलिटिक्स के 2 बड़े मायने… 1. गाजियाबाद से राष्ट्रीय लामबंदी की कोशिश तेजस्वी यादव 27 मई को दिल्ली के पास गाजियाबाद में अपनी बहन रागिनी यादव के आवास पर अपने बेटे इराज लालू यादव का पहला जन्मदिन मनाने जा रहे हैं। वैसे तो यह पूरी तरह एक पारिवारिक और निजी कार्यक्रम है, लेकिन सियासी हलकों में चर्चा आम है कि ‘बिग एग्रीमेंट्स हैपेन्स एट द डिनर टेबल’ (बड़े समझौते अक्सर डिनर टेबल पर ही तय होते हैं)। 2. महागठबंधन को एकजुट रखने की बड़ी चुनौती भले ही विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों ने तेजस्वी यादव को ही मुख्यमंत्री का चेहरा स्वीकार किया था, लेकिन धरातल पर गठबंधन की गांठें बेहद कमजोर साबित हुईं। चुनाव के दौरान कई विधानसभा सीटों पर महागठबंधन की सहयोगी पार्टियां ही आमने-सामने टकराती और आपस में लड़ती दिखीं। मुकेश सहनी की VIP और आईपी गुप्ता की IIP को साथ जोड़ने के बाद भी जमीनी स्तर पर तालमेल की भारी कमी साफ नजर आई। बिहार के लिए तेजस्वी का मास्टर प्लान 1. कार्यकर्ताओं की ‘CR’ रिपोर्ट और आंतरिक सफाई RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव ने सबसे पहला और कड़ा प्रहार अपनी ही पार्टी के भीतर किया है। वे अब हर जिले के सक्रिय कार्यकर्ताओं का CR (कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट यानी चरित्र पंजिका) खंगाल रहे हैं। 2. ‘MY’ से आगे ‘BAAP’ और ‘EBC’ पर फोकस 3. महिला वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश नीतीश कुमार के सबसे मजबूत और वफादार कोर महिला वोट बैंक में दरार लगाने के लिए RJD ने अपनी रणनीति के तहत पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उर्मिला ठाकुर और मुन्नी रजक जैसी महिला नेताओं को फ्रंट फुट पर आगे किया है। पार्टी महिलाओं की सुरक्षा और कार्यक्रमों के जरिए उनके अंदर पैठ बनाना चाहती है। पार्टी का फोकस महिलाओं पर ज्यादा है। एक बार फिर पार्टी नए सिरे से महिलाओं को लेकर प्लान बनाने में जुटी है। 4. युवा, रोजगार और नए राजनीतिक चैलेंजेस दिल्ली से नहीं, जनता के बीच बैठने से सुधरेगा आचरण इस पूरे मास्टर प्लान और तेजस्वी की रणनीति पर सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी कहते हैं- ‘तेजस्वी की राजनीति के कथनी और करनी में एक बड़ा अंतर्विरोध है।’


