गिरिडीह के मोहनपुर स्थित केंद्रीय कारा में देर रात जिला प्रशासन ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के संयुक्त नेतृत्व में करीब 45 अधिकारियों और लगभग 150 पुलिस जवानों की टीम ने जेल परिसर की गहन तलाशी ली। प्रशासनिक टीम रात करीब 10:45 बजे केंद्रीय कारा पहुंची। जिसके बाद सुनियोजित तरीके से तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह अभियान लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें पुरुष बंदियों के पांच ब्लॉक के 20 वार्डों के साथ-साथ महिला वार्ड की भी बारीकी से जांच की गई। महिला वार्ड की तलाशी महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की निगरानी में कराई गई। हर वार्ड में पहुंची टीम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा छापेमारी के दौरान प्रशासनिक और पुलिस टीम ने जेल के प्रत्येक वार्ड में प्रवेश कर बंदियों की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई प्रतिबंधित सामग्री या संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हो रही है। अधिकारियों ने संतरी की तैनाती, ड्यूटी रोस्टर, बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया और जेल के भीतर अनुशासन की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यस्थिति का भी परीक्षण किया गया, ताकि निगरानी व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे। जेल अधीक्षक को दिए गए निर्देश पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई औचक निरीक्षण के तहत की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। उन्होंने कहा कि हर वार्ड की गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की गई। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जेल अधीक्षक को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक न हो। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की औचक छापेमारी से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि जेल के अंदर अनुशासन और पारदर्शिता भी बनी रहती है।
गिरिडीह केंद्रीय कारा में देर रात औचक छापेमारी:45 अधिकारी व 150 जवानों ने खंगाले 20 वार्ड, महिला वार्ड में भी हुई विशेष जांच
गिरिडीह के मोहनपुर स्थित केंद्रीय कारा में देर रात जिला प्रशासन ने व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के संयुक्त नेतृत्व में करीब 45 अधिकारियों और लगभग 150 पुलिस जवानों की टीम ने जेल परिसर की गहन तलाशी ली। प्रशासनिक टीम रात करीब 10:45 बजे केंद्रीय कारा पहुंची। जिसके बाद सुनियोजित तरीके से तलाशी अभियान शुरू किया गया। यह अभियान लगभग दो घंटे तक चला, जिसमें पुरुष बंदियों के पांच ब्लॉक के 20 वार्डों के साथ-साथ महिला वार्ड की भी बारीकी से जांच की गई। महिला वार्ड की तलाशी महिला पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की निगरानी में कराई गई। हर वार्ड में पहुंची टीम, व्यवस्थाओं का लिया जायजा छापेमारी के दौरान प्रशासनिक और पुलिस टीम ने जेल के प्रत्येक वार्ड में प्रवेश कर बंदियों की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक व्यवस्थाओं का सूक्ष्म निरीक्षण किया। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कहीं कोई प्रतिबंधित सामग्री या संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हो रही है। अधिकारियों ने संतरी की तैनाती, ड्यूटी रोस्टर, बंदियों से मुलाकात की प्रक्रिया और जेल के भीतर अनुशासन की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली। साथ ही पेयजल की उपलब्धता, साफ-सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यस्थिति का भी परीक्षण किया गया, ताकि निगरानी व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न रहे। जेल अधीक्षक को दिए गए निर्देश पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई औचक निरीक्षण के तहत की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य जेल की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना था। उन्होंने कहा कि हर वार्ड की गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की गई। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने जेल अधीक्षक को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की चूक न हो। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की औचक छापेमारी से न केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि जेल के अंदर अनुशासन और पारदर्शिता भी बनी रहती है।

